अस्पताल परिसर में रोते-बिलखते मृतका के परिजन
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मुजफ्फरपुर जिले के सकरा रेफरल अस्पताल में प्रसव के बाद एक महिला की मौत से आक्रोशित परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मृतका के पति और परिजनों ने अस्पताल कर्मियों पर इलाज में लापरवाही और रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। हंगामा बढ़ने पर अस्पताल के कर्मचारी और डॉक्टर मौके से फरार हो गए।
सकरा थाना क्षेत्र के कल्याणपुर गौरा गांव निवासी मनीष कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी रिशा को बुधवार को अचानक लेबर पेन हुआ। परिजन उसे सकरा रेफरल अस्पताल ले गए, जहां रिशा ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। मनीष के अनुसार, डॉक्टरों ने बताया कि मरीज की हालत गंभीर है और उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराना होगा। एम्बुलेंस उपलब्ध न होने के कारण मनीष ने मजबूरी में एक टोटो किराए पर लिया और रिशा को लेकर निजी अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतका के शव को लेकर परिजन सकरा रेफरल अस्पताल पहुंचे और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल कर्मियों ने रिशा के इलाज के दौरान 10,000 रुपये की मांग की। मनीष ने कहा कि मेरे पास इतनी बड़ी रकम नहीं थी, फिर भी मैंने दो-तीन हजार रुपये दिए, लेकिन कर्मियों ने लापरवाही बरती, जिससे मेरी पत्नी की जान चली गई। परिजनों ने शव को अस्पताल के बाहर रखकर प्रदर्शन किया। हंगामा बढ़ने पर अस्पताल के कर्मचारी और डॉक्टर मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना पर सकरा थाना अध्यक्ष राजू कुमार पाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की कोशिश की। थाना अध्यक्ष ने बताया कि परिजनों से लिखित शिकायत मांगी गई है। आवेदन मिलने पर मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों ने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अस्पताल कर्मियों की लापरवाही और रिश्वतखोरी के कारण रिशा की जान गई। वहीं, इस दौरान अस्पताल परिसर में भारी तनाव बना रहा। स्थानीय लोग और रिश्तेदार घटना से आक्रोशित होकर हंगामा करते रहे। पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिया।