खुशियों के बीच टूटा गमों का पहाड़
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मुजफ्फरपुर जिले के बंदरा प्रखंड के घोसरामा गांव में एक हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। बेटी की शादी और विदाई के महज आधे घंटे बाद पिता की आकस्मिक मृत्यु हो गई। यह घटना रविवार रात की है, जब वार्ड-5 निवासी 55 वर्षीय निवेश रामबाबू चौधरी ने अपनी छोटी बेटी कुमारी सूर्या की शादी के सभी मांगलिक कार्यक्रम पूरे किए।
बेटी की विदाई के तुरंत बाद पिता की मौत
जानकारी के मुताबिक, सूर्या की बारात औराई प्रखंड के सहिला हथौड़ी से आई थी। शादी की सभी रस्में हंसी-खुशी संपन्न हुईं और सोमवार सुबह सूर्या की विदाई भी हो गई। बेटी की विदाई के दौरान रामबाबू चौधरी बेहद भावुक हो गए। विदाई के कुछ ही समय बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। परिजनों का मानना है कि बेटी की विदाई का गम उनके लिए असहनीय हो गया, जिससे उनकी मौत हो गई।
पिछले दिनों हुई थी बेटे की शादी
गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले, 11 दिसंबर को रामबाबू चौधरी के छोटे बेटे रोशन की भी शादी हुई थी। परिवार में दो-दो खुशियों के बीच यह असामयिक मौत सभी के लिए भारी आघात बन गई। रामबाबू चौधरी अपने पीछे चार बेटे और दो बेटियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी मौत के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। गांव के लोग, जो शादी के माहौल से लौटे थे, इस खबर को सुनकर फिर चौधरी के घर लौट आए। पूरे गांव में मातम छा गया।
भावुक हुए ग्रामीण
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि रामबाबू चौधरी बेटी की विदाई के समय अत्यधिक भावुक हो गए थे। उनकी मृत्यु की खबर सुनकर सैकड़ों ग्रामीण उनके दरवाजे पर इकट्ठा हो गए। लोगों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को इस कठिन समय में सहारा देने का प्रयास किया।
अचानक मौत से टूट गया परिवार
रामबाबू चौधरी पिछले कुछ दिनों से बीमार थे, लेकिन शादी के कार्यक्रम के लिए उन्होंने खुद को संभाला हुआ था। उनकी आकस्मिक मौत ने खुशियों के माहौल को शोक में बदल दिया। ग्रामीणों ने इसे नियति की कठोरता बताया और पूरे परिवार के लिए संवेदनाएं व्यक्त कीं।