मुजफ्फरपुर के सांसद बने राजभूषण चौधरी निषाद ने 2 लाख से अधिक मतों से बीजेपी को छोड़कर कांग्रेस में जाने वाले अजय निषाद को हरा दिया। इस बार राजभूषण को 619749 मत मिले, जबकि कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार अजय निषाद को महज ही 384822 मत मिले।
बीजेपी का प्रयोग 100 फीसद रहा सफल
टिकट कटने के बाद निवर्तमान एमपी अजय निषाद ने पाला बदल लिया था और लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए कांग्रेस पार्टी का दामन थाम मैदान में उतर कर खूब पसीना बहाने लगे। लोगों के साथ में जनसंपर्क अभियान और मुस्लिम समुदाय के लोगों को साधने में लगे रहे। लेकिन महागठबंधन का हिस्सा रही वीआईपी पार्टी और उसके उम्मीदवार राजभूषण पर बीजेपी का इस बार का विश्वास आम आदमी ने दिया और बीजेपी के बड़े नेताओ का साथ मोदी इंपैक्ट सब पर भारी रहा, जिसका नतीजा रहा बीजेपी नए प्रयोग पर सफल हुई और राजभूषण को सांसद बना दिया।
मंत्री के गढ़ में हारे
6 विधानसभा वाली मुजफ्फरपुर के लोकसभा क्षेत्र में नए उम्मीदवार के रूप में जहां बिहार सरकार के मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता के गढ़ कुढ़नी में बीजेपी को कम मत मिले, तो वहीं कांग्रेस के गढ़ मुजफ्फरपुर नगर क्षेत्र और राजद के गढ़ गायघाट और बोचहा में सबसे अधिक मत मिले। यही नहीं केवल बीजेपी के सीट औराई में भी जनता ने बीजेपी उम्मीदवार का सांठ दिया। निवर्तमान सांसद रहे अजय निषाद के द्वारा स्थानीय स्तर के मुद्दे और अब तक की कोई भी उपलब्धि उनको सफलता नहीं दिला सकी। यही नहीं जिस क्षेत्र से कांग्रेस को सबसे ज्यादा उम्मीद थी, वहीं कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा।
मुजफ्फरपुर से कांग्रेस पार्टी के टिकट पर मैदान में उतरे बीजेपी को छोड़कर आने वाले अजय निषाद को लेकर जहां कांग्रेस, राजद, सीपीएम और वीआईपी पार्टी के नेताओं ने एक क्षेत्र में कई बार रैली के साथ जनसभा और जनसंपर्क किया, वहीं बीजेपी ने भी इस सीट पर अपनी एक दशक से अधिक समय की सीट पर दबदबा कायम रखने के लिए एड़ी चोटी एक कर दी थी। बल्कि इस प्रयोग में बीजेपी ने परचम भी लहराया था। बाहरी और स्थानीय के मुद्दे को लोगों ने भुलाकर बीजेपी को वापस सत्ता में लाने के इस प्रयोग को अपना लिया।