बिहार शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ
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मुजफ्फरपुर जिले में गांधी जयंती के दिन स्कूलों में छुट्टी न देने को लेकर शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ, सचिव वैद्यनाथ यादव और जिला शिक्षा पदाधिकारी मुजफ्फरपुर के खिलाफ सीजेएम कोर्ट पश्चिम की अदालत में एक मामला दर्ज हुआ है। अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा द्वारा दाखिल किए गए इस परिवाद में अधिकारियों पर देश की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया गया है।
अधिवक्ता ओझा ने अपने परिवाद में बताया कि दो अक्तूबर को देश भर में महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई जाती है। लेकिन बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने इस दिन स्कूलों को खोलने का आदेश दिया, जिससे गांधी जी के सिद्धांतों और उनके महत्व को कमजोर करने की कोशिश की गई। इसके साथ ही, अगले साल यानी 2025 के कैलेंडर में भी दो अक्टूबर को छुट्टी रद्द कर दी गई है, जिससे महात्मा गांधी के प्रति जनता की भावनाएं आहत हुई हैं।
आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज
इस मामले में अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352, 353 और 197 के तहत आपराधिक मामला दर्ज कराया है। ओझा ने आरोप लगाया है कि बिहार के लोगों की भावना स्कूलों को खोलने के फैसले से आहत हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पूरे देश में हर विभाग में छुट्टी होती है, तो शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल खोलने का आदेश क्यों दिया गया।
अदालत की सुनवाई की तारीख
सीजेएम कोर्ट ने इस मामले को स्वीकार कर सुनवाई की तारीख 28 अक्तूबर 2024 को तय की है। ओझा ने आरोप लगाया कि यह शिक्षा विभाग का ‘तुगलकी फरमान’ है, जिसका कोई औचित्य नहीं है और यह गांधी जी के सिद्धांतों को कमजोर करने की साजिश है। यह मामला शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए गंभीर कानूनी चुनौती बन सकता है।