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Bihar: पारू के आदित्य ने रचा इतिहास, NDA से निकले और बने भारतीय सेना का अफसर; पिता हैं दवा कंपनी में मैनेजर

Sun, 14 Jun 2026 10:46 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

Muzaffarpur: मुजफ्फरपुर जिले के आदित्य कुमार भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। NDA से चयनित होकर कठिन सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। उनकी सफलता से परिवार और गांव में खुशी का माहौल है।  
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अपने परिजनों के साथ आदित्य - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के मुजफ्फरपुर जिले का लाल आदित्य कुमार भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गया है। इसे लेकर परिवार और ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई है। जिले के पारू थाना क्षेत्र के फूलाह गांव निवासी होनहार युवा आदित्य कुमार ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर न सिर्फ पूरे जिले, बल्कि पूरे बिहार का नाम रोशन किया है। आदित्य की इस उपलब्धि से गांव और परिवार में जश्न का माहौल है तथा लोग परिवार को बधाई दे रहे हैं।

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मेहनत और लगन से हासिल किया बड़ा मुकाम
पारू के आदित्य के गांव के लोगों का कहना है कि आदित्य ने अपनी कड़ी मेहनत से यह साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प के साथ किसी भी ऊंचे लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। देश सेवा के उसके जज्बे और मजबूत इरादों की बदौलत ही उसने न सिर्फ अपना, बल्कि पूरे परिवार और गांव का नाम ऊंचा कर दिया है।

पढ़ाई में हमेशा रहे अव्वल
बचपन से ही आदित्य पढ़ाई में तेज और होनहार रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में बिहार बोर्ड से 90 प्रतिशत अंकों के साथ दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद वर्ष 2019 में मुजफ्फरपुर के प्रतिष्ठित एल.एस. कॉलेज से 89 प्रतिशत अंकों के साथ इंटरमीडिएट परीक्षा पास की।
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इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से NDA तक का सफर
आगे की पढ़ाई के लिए आदित्य ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। स्नातक की पढ़ाई के दौरान वर्ष 2022 में उनका चयन राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के लिए हो गया। कठिन सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब वे भारतीय सेना में अधिकारी बन चुके हैं।

बेटे की सफलता पर गर्व से झूम उठा परिवार
आदित्य के पिता संजय कुमार चौधरी एक दवा कंपनी में मैनेजर हैं, जबकि माता रंभा कुमारी गृहिणी हैं। आदित्य के पिता संजय चौधरी ने बताया कि उनका बेटा बचपन से ही अनुशासित और देश सेवा के प्रति समर्पित था। अपनी मेहनत और लगन के बल पर उसने यह मुकाम हासिल किया है और पूरे परिवार का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।

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गांव में जश्न, युवाओं के लिए बने प्रेरणा
आदित्य की सफलता से पूरे गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें भी देश सेवा के लिए आगे बढ़ने का हौसला देगी।

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