मुजफ्फरपुर जिले की सिविल कोर्ट में उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। जब एक लड़की को बुर्का पहनाकर शादी करने के लिए एक प्रेमी जोड़ा कोर्ट में आ गया। बताया जा रहा है कि नोटरी के ग्राउंड पर शादी की कार्रवाई हो रही थी। मामले की भनक अचानक ही कुछ हिंदूवादी संगठनों के लोगों को लग गई। उसके बाद पूरे कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई है।
इस दौरान शादी करवाने वाले लोग और अधिवक्ता ने इसका विरोध किया और खूब नोक-झोंक हुआ। दोनों में मारपीट की स्थिति बन गई। इस दौरान कोर्ट में मौजूद पुलिसकर्मी ने बीच-बचाव करते हुए कोर्ट के हाजत में रखा गया है। मामले में नगर थाना की पुलिस को जानकारी दी गई है।
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यह बताया जा रहा है कि सीतामढ़ी के रहने वाले एक लड़का और लड़की अचानक कोर्ट में आए और दोनों नोटरी के ग्राउंड पर शादी करने के लिए पहुंचे हुए थे। लड़की मुस्लिम समुदाय की बुर्का पहने हुई पहुंची हुई थी, जिसके बाद कुछ लोग भड़क गए थे। अचानक इसकी जानकारी लड़की के जान पहचान वाले को लग गई, जिसके बाद मौके पर कोर्ट में भारी हंगामा शुरू हो गया था।
देखते-देखते कोर्ट में मारपीट शुरू हो गई। हिंदूवादी संगठन के लोगों का कहना है कि कोर्ट में जिस लड़की को गलत तरीके से शादी करवाई जा रही थी, वह लड़की हिंदू समाज की लड़की है और उसको बुर्का पहनाया गया था। यह कुछ और नहीं बल्कि लव जिहाद का मामला है। इस मामले में कार्रवाई किया जाना चाहिए।
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इस मामले में अधिवक्ता कमलेश कुमार ने कहा कि कोर्ट के अंदर शादी के लिए जो नियम हैं, उसका उल्लंघन किया जा रहा था। प्रथम दृष्टया मामला लव जिहाद का है। क्योंकि हिंदू लड़की को बुर्का पहना करके कोर्ट में लाया गया था। यह पूर्णतया गलत है और इसमें कोर्ट में शादी का नियम है, उसका उल्लंघन है। क्योंकि गलत दस्तावेज और नोटरी के ग्राउंड पर शादी कर रहे थे। जबकि कोर्ट में इस तरह का शादी का नियम नहीं है। प्रथम दृश्य मामला लव जिहाद का है। इस मामले में कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।