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Bihar News: बैठक के बीच वार्ड पार्षद ने दिया त्यागपत्र, बोले- नाकाम कहलाना मंजूर नहीं, जानें पूरा मामला

Thu, 12 Mar 2026 05:17 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

मुजफ्फरपुर नगर निगम की बैठक के दौरान उस समय हलचल मच गई जब वार्ड संख्या 20 के पार्षद संजय कुमार केजरीवाल ने अचानक अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र महापौर को भेजा और इसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री तथा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी।
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बैठक के बीच वार्ड पार्षद ने दिया त्यागपत्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुजफ्फरपुर नगर निगम में गुरुवार को आयोजित बोर्ड की बैठक के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब वार्ड संख्या 20 के पार्षद संजय कुमार केजरीवाल ने अचानक अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र महापौर को संबोधित करते हुए भेजा है। साथ ही इसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी है। बैठक के बीच अचानक लिए गए इस फैसले से नगर निगम के पार्षद और अधिकारी हैरान रह गए। वार्ड पार्षद के इस कदम से पूरी बैठक में हलचल मच गई। महापौर, उप महापौर और अन्य पार्षद भी इस घटना से अचंभित नजर आए।

नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

अपने त्यागपत्र में वार्ड पार्षद संजय कुमार केजरीवाल ने नगर निगम की मौजूदा कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने भावुक होते हुए लिखा है कि एक बोर्ड सदस्य के रूप में वह अपने कर्तव्यों का सही ढंग से पालन करने में खुद को असमर्थ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब बोर्ड की बैठकों में लिए गए निर्णयों का पालन ही नहीं होता और भ्रष्टाचार पर भी रोक नहीं लगती, तो ऐसे में पद पर बने रहने का कोई मतलब नहीं रह जाता। उन्होंने यह भी लिखा कि जिन समस्याओं को वह लगातार उठाते रहे हैं, उनकी अनदेखी की जा रही है।

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इस्तीफे में लिखी भावुक बात

वार्ड पार्षद संजय केजरीवाल ने अपने त्यागपत्र के अंत में लिखा कि वह एक इंसान के तौर पर सत्य और असत्य का अंतर समझते हैं। उन्होंने कहा कि जिस बोर्ड के वह स्वयं सदस्य हैं, उसी में अगर उन्हें नाकाम सदस्य कहा जाए तो यह उन्हें स्वीकार नहीं है। वार्ड पार्षद के इस कदम के बाद मुजफ्फरपुर की स्थानीय राजनीति में हलचल बढ़ गई है। अब यह देखना होगा कि नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी उनके त्यागपत्र को स्वीकार करते हैं या फिर उनके उठाए गए मुद्दों पर कोई कार्रवाई करते हैं।

 

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