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Bihar: शिक्षा का मंदिर या मजदूरी का अड्डा? स्कूली बच्चों से ढुलवाए बेंच-डेस्क; वीडियो वायरल होने पर मचा हड़कंप

Wed, 29 Apr 2026 05:58 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

Bihar News: मुजफ्फरपुर के कुढ़नी प्रखंड स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय सोनवर्षा में बच्चों से बेंच-डेस्क ढुलवाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। मामले के सामने आने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं और दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। पढ़ें पूरी खबर...
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स्कूली बच्चों से कराई जा रही मजदूरी - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी प्रखंड क्षेत्र स्थित एक सरकारी स्कूल से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्कूली बच्चों से बेंच और डेस्क ढुलवाए जाते हुए देखा जा सकता है। इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया है और मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
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जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो उच्च माध्यमिक विद्यालय सोनवर्षा का बताया जा रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि स्कूल परिसर के बाहर एक जुगाड़ वाहन खड़ा है, जिसके ऊपर से स्कूल यूनिफॉर्म पहने दर्जनों बच्चे बेंच-डेस्क उतारते और उन्हें नए भवन की ओर ले जाते नजर आ रहे हैं। बच्चे वाहन पर चढ़कर भारी सामान उतारते दिखाई दे रहे हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।

बच्चों से कराया श्रमिकों की तरह काम
बताया जा रहा है कि यह घटना मंगलवार की है, जब पढ़ाई-लिखाई के समय बच्चों से श्रमिकों की तरह काम कराया गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि शिक्षा के मंदिर में बच्चों से इस तरह का कार्य कराना बेहद शर्मनाक और नियमों के खिलाफ है।
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प्रधानाध्यापक के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई- डीईओ
वायरल वीडियो के संज्ञान में आने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) अरविंद सिन्हा ने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले यह पता लगाया जा रहा है कि वीडियो कब का है और किस परिस्थिति में बच्चों से यह काम कराया गया। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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साथ ही डीईओ ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी विद्यालय में बच्चों से श्रम कराना नियमों के विरुद्ध है और विभाग पहले ही इस संबंध में सख्त निर्देश जारी कर चुका है। फिलहाल शिक्षा विभाग पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है।

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