मुजफ्फरपुर जिले के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र स्थित आश्रम घाट नदी किनारे बोरे में बंद एक महिला का शव बरामद होने से इलाके में हड़कंप मच गया। शव मिलने की सूचना पर सिकंदरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए टाउन एसडीपीओ वन सुरेश कुमार और सिटी एसपी मोहिबुल्ला अंसारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया।
टैटू के आधार पर हुई महिला की पहचान
पुलिस ने महिला की पहचान शरीर पर बने टैटू के आधार पर फूलों देवी के रूप में की है। शव की स्थिति बेहद निर्मम पाई गई। पहचान छुपाने के उद्देश्य से महिला का चेहरा कुचला हुआ था और शरीर पर कई जगह चोट के निशान मौजूद थे, जिससे हत्या की आशंका गहराई है।
एक सप्ताह से लापता थी महिला
मृतका के भाई शिवनाथ साह ने बताया कि फूलों देवी बीते एक सप्ताह से लापता थी। वह 22 जनवरी से घर से गायब थी। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिलने पर 25 जनवरी को सिकंदरपुर थाना में गुमशुदगी का आवेदन दिया गया था।
पति पर हत्या का आरोप
शिवनाथ साह ने आरोप लगाया कि फूलों देवी के पति संतोष साह ने ही दहेज और बेटे की मांग को लेकर उसकी हत्या कर शव को ठिकाने लगाया है। उन्होंने बताया कि फूलों देवी की शादी करीब 15 वर्ष पूर्व सीतामढ़ी जिले के रुन्नीसैदपुर थाना क्षेत्र के शिवनगर निवासी संतोष साह से हुई थी।
पढ़ें- Bihar News: बूढ़ी गंडक किनारे बोरे में मिली महिला की लाश, इलाके में दहशत, हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस
परिजनों के अनुसार संतोष साह मुजफ्फरपुर के बालूघाट इलाके में किराये के मकान में रहकर भुजा और बादाम बेचने का काम करता था। दंपती की एक नौ वर्षीय बेटी है, जबकि तीन बेटियों की जन्म के समय ही मृत्यु हो चुकी थी। बेटे की मांग को लेकर घर में अक्सर विवाद होता रहता था।
पुलिस मामले की जांच में जुटी
सिटी एसपी मोहिबुल्ला अंसारी ने बताया कि आश्रम घाट से बरामद शव फूलों देवी का है, जो अपने पति के साथ बालूघाट क्षेत्र में किराये के मकान में रहती थी। प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। महिला की पहचान टैटू के आधार पर की गई है और पहचान छिपाने के लिए चेहरे को क्षतिग्रस्त किया गया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपित पति की भूमिका की गहन जांच की जा रही है।