फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar Police: दिनदहाड़े घूस लेते पकड़ाया दरोगा, विजिलेंस की टीम ने थाने में छापेमारी कर रंगेहाथ पकड़ा

Wed, 18 Feb 2026 03:40 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

Muzaffarpur Bihar News: निगरानी टीम के डीएसपी संजय कुमार ने बताया कि सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ घूस मांगने की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।आरोपी को सदर थाना परिसर से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
घुस लेते हुए सब इंस्पेक्टर गिरफ्तार
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुजफ्फरपुर जिले में भ्रष्ट पुलिसकर्मी के खिलाफ एक बार फिर बड़ी कार्रवाई हुई है। निगरानी विभाग की टीम ने सदर थाना में तैनात सब-इंस्पेक्टर भास्कर कुमार मिश्रा को घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। उससे पास से कैश भी मिला है। बताया जा रहा है कि सदर थाना के दारोगा भास्कर कुमार मिश्रा ने अपहरण के एक मामले में नामजद आरोपी का नाम केस डायरी से हटाने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की थी। बाद में यह सौदा 30 हजार रुपये में तय हुआ। आरोपी अधिकारी ने रकम दो किस्तों में 15-15 हजार रुपये देने को कहा था। पीड़ित ने कहा कि वह इतनी राशि नहीं दे पाएगा। लेकिन, भास्कर कुमार मिश्रा ने उसकी बात नहीं सुनी। 
विज्ञापन


सब-इंस्पेक्टर को घूस लेते हुए गिरफ्तार कर लिया
इसके बाद पीड़ित पक्ष ने इस संबंध में निगरानी थाना, पटना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर निगरानी विभाग ने विशेष धावा दल का गठन किया और जाल बिछाकर सब-इंस्पेक्टर को घूस लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 15 हजार रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई है। निगरानी टीम के डीएसपी संजय कुमार ने बताया कि आरोपी दरोगा को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। 

 

 


जानिए आरोपी दरोगा पर क्या आरोप लगा है
निगरानी टीम से मिली जानकारी भास्कर कुमार मिश्रा पूर्णिया जिले के निवासी हैं और वर्ष 2019 बैच के दारोगा हैं। पीड़ित अमन कुमार ने बताया कि उनके भाई आनंद कुमार को एक अपहरण मामले में आरोपी बनाया गया था। बाद में कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी। इसके बावजूद केस के अनुसंधान पदाधिकारी (आईओ) भास्कर कुमार मिश्रा द्वारा केस डायरी से नाम हटाने के बदले रुपये की मांग की जा रही थी। अमन कुमार ने बताया कि मांग पूरी नहीं करने पर कार्रवाई की धमकी दी जा रही थी। इसके बाद उन्होंने निगरानी विभाग में प्राथमिकी दर्ज कराई। बुधवार को सब-इंस्पेक्टर ने उन्हें सदर थाना बुलाया, जहां निगरानी टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया।

विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें