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Bihar: सिर्फ बिहार नहीं, यूपी से राजस्थान तक फैला NEET सॉल्वर गैंग का नेटवर्क; आरोपियों के मोबाइल उगल रहे राज

Fri, 26 Jun 2026 08:31 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार मास्टरमाइंड और सॉल्वर गैंग से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। नेटवर्क बिहार से बाहर पांच राज्यों तक फैला मिला। 200 से अधिक छात्रों से संपर्क और 14 परीक्षार्थी जांच के दायरे में हैं। बैंक खाते, यूपीआई, कॉल रिकॉर्ड और डिलीट चैट की जांच जारी है।
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नीट परीक्षा सॉल्वर गैंग - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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नीट परीक्षा में धांधली के आरोप में गिरफ्तार मास्टरमाइंड और सॉल्वर गैंग के सदस्यों से पूछताछ में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। जांच एजेंसियों को अब तक मिले साक्ष्यों से संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क केवल बिहार तक सीमित नहीं था, बल्कि झारखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा समेत कई राज्यों तक फैला हुआ था। फिलहाल पांच राज्यों से जुड़े मोबाइल नंबरों और संपर्क सूत्रों की गहन जांच की जा रही है।
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कॉल रिकॉर्ड से 14 परीक्षार्थी एजेंसियों के रडार पर
जांच में सामने आया है कि सदर थाना क्षेत्र के भगवानपुर श्रमजीवी नगर निवासी अर्पित सिंह और कांटी थाना क्षेत्र निवासी विवेक कुमार के मोबाइल फोन से मिले कॉल रिकॉर्ड के आधार पर मुजफ्फरपुर के 14 परीक्षार्थी जांच एजेंसियों के रडार पर आ गए हैं। अब इन छात्रों के साथ-साथ उनके अभिभावकों, स्थानीय कोचिंग संस्थानों, बिचौलियों और संपर्क सूत्रों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

पूछताछ में बड़ा खुलासा, 200 से अधिक छात्रों से किया था संपर्क
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान अर्पित और विवेक ने स्वीकार किया है कि उनके गिरोह ने नीट परीक्षा से पहले 200 से अधिक परीक्षार्थियों से संपर्क साधा था। मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल और चैट की जांच में भी इस बात के संकेत मिले हैं। अब एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि छात्रों तक पहुंच बनाने में किन लोगों ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई और क्या इस पूरे नेटवर्क में कोचिंग संस्थानों या उनसे जुड़े लोगों की भी कोई भूमिका थी।
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कोचिंग संचालकों और एजेंटों से भी हो सकती है पूछताछ
जांच एजेंसियां जरूरत पड़ने पर कोचिंग संचालकों, एजेंटों और अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ कर सकती हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि परीक्षा में अनुचित लाभ दिलाने के लिए अभिभावकों की किसी स्तर पर कोई भूमिका रही या नहीं।

बैंक खाते, यूपीआई और डिलीट चैट की हो रही पड़ताल
पुलिस और जांच एजेंसियां आरोपियों के बैंक खातों, यूपीआई ट्रांजेक्शन और अन्य वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही हैं। इसके अलावा जब्त किए गए मोबाइल फोन से डिलीट चैट और अन्य डिजिटल डेटा को रिकवर किया जा रहा है। एजेंसियों का मानना है कि डिजिटल साक्ष्यों से इस नेटवर्क से जुड़े कई और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।

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फरार आरोपियों की तलाश जारी
जांच एजेंसियां इस पूरे मामले में फरार चल रहे अन्य संदिग्धों की भी तलाश कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो संबंधित परीक्षार्थियों, बिचौलियों और अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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