मुजफ्फरपुर पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास खाली करने को लेकर चल रहे विवाद पर बड़ा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए राबड़ी देवी पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में सरकारी आवास किसी की निजी संपत्ति नहीं होता, उसे नियमानुसार खाली करना ही पड़ता है।
इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि उनका अपना निजी घर है और वे वर्षों तक वहीं रहे हैं। मुख्यमंत्री बनने से पहले उन्हें सरकारी आवास भी मिला था, लेकिन उन्होंने अपने निजी आवास में रहना ही पसंद किया। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह मोह-माया का विषय नहीं है।
'लोकतंत्र की धरती है, बंगला किसी की जागीर नहीं'
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंच से बिना नाम लिए पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि उनका सरकारी आवास कभी खाली नहीं होगा। लेकिन यह लोकतंत्र है, राजतंत्र नहीं, जहां कोई सरकार के नियमों का उल्लंघन कर सके। उन्होंने कहा कि इस देश में जनता ही मालिक है और वही तय करती है कि कौन मुख्यमंत्री बनेगा। कुछ लोगों को लगता है कि उनका घर कैसे खाली होगा, लेकिन यह तय है कि सरकारी आवास खाली होगा। इसे कोई नहीं रोक सकता। सरकारी आवास नियमानुसार खाली करना ही पड़ेगा।
'पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी खाली किया था सरकारी आवास'
हरे गमछे को लेकर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में हरे गमछे के विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हरा गमछा शांति, सद्भाव और हरियाली का प्रतीक है, लेकिन यदि कोई इसकी आड़ में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा, "हरा गमछा शांति का प्रतीक है, लेकिन यदि कोई इसकी आड़ में गुंडागर्दी करेगा तो उसके लिए जेल में जगह तैयार है। बिहार में कानून का राज है और किसी भी प्रकार की अराजकता या गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" मुजफ्फरपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा राबड़ी आवास विवाद और हरे गमछे को लेकर दिए गए बयान अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गए हैं।