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Bihar: भगवान का करिश्मा या किस्मत का खेल! 18 साल बाद लौट आया ‘मृत’ बेटा, मुजफ्फरपुर में भावुक मिलन

Sun, 04 Jan 2026 02:05 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
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मृत घोषित युवा अचानक लौट आया घर - फोटो : अमर उजाला
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बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक बेहद हैरान कर देने वाला और भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक परिवार ने जिस बेटे को 18 साल 5 महीने पहले मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार तक कर दिया था, वही बेटा अब अचानक जिंदा होकर अपने माता-पिता के सामने खड़ा हो गया है। बेटे को जीवित देखकर पूरा परिवार भावुक हो गया और घर का माहौल रोने-बिलखने में बदल गया।

पूरा मामला मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट प्रखंड स्थित लक्ष्मण नगर गांव, वार्ड संख्या-8 का है। यहां रहने वाले विश्वनाथ शाह और उनकी पत्नी रामपरी देवी के छोटे पुत्र रौशन कुमार वर्ष 2007 में मैट्रिक परीक्षा देने के बाद अचानक लापता हो गए थे। बताया जाता है कि उस समय रौशन गलत संगत में पड़ गया था और दोस्तों के साथ दिल्ली जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन रास्ते में ट्रेन में अपने साथियों से बिछड़ गया।

परिजनों का कहना है कि रौशन मंदबुद्धि था, इसी कारण वह घर वापस नहीं लौट सका। बेटे के लापता होने के बाद परिवार ने देश के कई हिस्सों में उसकी तलाश की, लेकिन महीनों तक कोई सुराग नहीं मिला। लंबा इंतजार, निराशा और सामाजिक दबाव के चलते परिवार ने आखिरकार उसे मृत मान लिया और प्रतीकात्मक रूप से उसका अंतिम संस्कार कर दिया।

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इधर, रौशन कुमार छपरा में भटकते हुए मिला, जहां एक सेवा कुटीर से जुड़े लोगों ने उसे अपने संरक्षण में लिया। बाद में उसका इलाज भोजपुर जिले के कोईलवर स्थित मानसिक चिकित्सालय में कराया गया। इलाज और काउंसलिंग के दौरान रौशन ने अपने पिता का नाम और गांव की जानकारी दी।

इसके बाद सेवा कुटीर प्रशासन और सामाजिक सुरक्षा कोषांग के लोगों ने लंबी प्रक्रिया अपनाकर उसके परिजनों का पता लगाया। जब सभी लोग रौशन को लेकर उसके गांव पहुंचे, तो जैसे ही मां रामपरी देवी ने उसे देखा, उन्होंने तुरंत अपने बेटे को पहचान लिया। मां-बेटे के मिलन का यह दृश्य इतना भावुक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

इसके बाद रौशन को उसके पैतृक गांव लाया गया। बेटे को जिंदा देखकर माता-पिता फूट-फूटकर रो पड़े। मां रामपरी देवी ने कहा कि वर्षों से दिल में दबी उम्मीद आज पूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि बेटे के जिंदा लौट आने से उन्हें ऐसा लग रहा है मानो भगवान ने उनकी सूनी जिंदगी फिर से भर दी हो।

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