एमडीए प्रत्याशी का नामांकन मंत्री
- फोटो : अमर उजाला
बिहार विधान परिषद के तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के नामांकन का आज तीसरा दिन है। गुरुवार को एनडीए के भाजपा उम्मीदवार और पूर्व एमएलसी नरेंद्र सिंह ने नामांकन का पर्चा दाखिल किया। इस मौके पर एनडीए के सभी घटक दलों के नेता और मंत्री मौजूद रहे।
शहर के एक निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी, भूमि सुधार विभाग के मंत्री दिलीप जायसवाल समेत कई नेता पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान एनडीए नेताओं ने अपने प्रत्याशी नरेंद्र सिंह के पक्ष में मतदान कर उन्हें विजयी बनाने की अपील की। इस मौके पर भाजपा, जदयू, लोजपा, हम और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता मौजूद रहे।
मंच से संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी ने कहा कि शिक्षकों के लिए एक नई व्यवस्था बनाने की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को ऑनलाइन किया जा रहा है। जो पैसे शिक्षकों को चार साल बाद मिलते थे और प्रबंधन समिति के चक्कर लगाने के बाद मिलते थे, अब उन्हें ऑनलाइन शिक्षकों के खातों में भेजने का फैसला लिया गया है।
पढे़ं: 48 गांवों में बाढ़ का असर, 24000+ प्रभावित; 33 नाव और बोट एंबुलेंस तैनात, 14 रसोइयों में बन रहे भोजन
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के तहत शिक्षकों के खाते में ऑनलाइन पैसा डाला जाएगा और यह भुगतान रिजल्ट ओरिएंटेड होगा। इसके साथ मिलने वाले अनुदान के अलावा स्कूल के आंतरिक संसाधनों का भी उपयोग किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि वित्त रहित शिक्षकों को भी एक समान और सम्मानजनक तरीके से मासिक भुगतान करने पर विचार किया गया है और इसे लेकर तैयारी चल रही है।
मिथलेश तिवारी ने कहा कि बिहार ज्ञान की भूमि है और प्रभु श्रीराम ने भी अपने ज्ञान के लिए बिहार को चुना था। उन्होंने कहा कि सभी लोग ऐसी जगह बैठे हैं, जहां वैशाली जिला भी इसी चुनाव क्षेत्र में आता है और वैशाली लोकतंत्र की जननी है।
शिक्षा मंत्री ने मतदाताओं से एनडीए के पक्ष में मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि जब एनडीए सरकार सभी कार्य कर रही है तो वोट दूसरे को क्यों देना है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान कोई जाति के नाम पर तो कोई पिछड़ा-अगड़ा के नाम पर वोट मांगने आएगा। ऐसे लोगों को मतदाताओं को वापस कर देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षक हमारे लिए अभिमान हैं और यदि शिक्षकों ने गलती कर दी तो प्रदेश को बचाना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश को ऐसे लोगों के हाथ में नहीं देना है और सभी को विकसित भारत का सपना देखने वाले लोगों के साथ खड़ा होना है।