लोको पायलट रनिंग स्टाफ प्रदर्शन
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मुजफ्फरपुर जंक्शन पर रविवार को रनिंग लोको पायलट और रनिंग स्टाफ के तबादले के विरोध में चल रहा आंदोलन और तेज हो गया। बीते कई दिनों से जारी इस विरोध प्रदर्शन में अब रेल कर्मियों के परिवार की महिलाओं ने भी मोर्चा संभाल लिया है। महिलाओं ने समस्तीपुर रेल मंडल के अंतर्गत जारी तबादला आदेश को तुगलकी फरमान बताते हुए अपना आक्रोश खुलकर जाहिर किया।
जेसीओ के लाभ से वंचित रखने पर उठे सवाल
प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं ने कहा कि जब अन्य रेल कर्मियों को इस आदेश के तहत जेसीओ का लाभ दिया जा रहा है, तो रनिंग लोको पायलट और उनके परिवारों को इससे वंचित क्यों रखा गया है। उनका कहना था कि रेल व्यवस्था तभी बेहतर और सुरक्षित रह सकती है, जब रेल कर्मी स्वयं सुरक्षित और मानसिक रूप से संतुष्ट होंगे।
कड़ाके की ठंड में परिवारों के साथ प्रदर्शन
कड़ाके की ठंड के बीच मुजफ्फरपुर जंक्शन पर रेल कर्मियों के साथ उनके परिवार के सदस्य भी धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए। महिलाओं ने बताया कि वे अपने परिवार के साथ यहां रह रही हैं, लेकिन मंडल में हुए बदलाव के बाद बिना उनकी सहमति के बरौनी और मानसी तबादला कर दिया गया है, जिसका वे विरोध कर रही हैं।
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डीआरएम और जीएम से हस्तक्षेप की मांग
महिलाओं ने रेल प्रशासन से मांग की कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना था कि वरिष्ठ रेल अधिकारियों को इस मामले में हस्तक्षेप कर जेसीओ के तहत मिलने वाले लाभ का अवसर उन्हें भी देना चाहिए, ताकि लोको पायलटों का मनोबल बना रहे और रेल परिचालन सुचारू रूप से चलता रहे।
रेल परिचालन और यात्रियों की सुरक्षा का मुद्दा
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने यह भी कहा कि लगातार तबादलों और असंतोष का असर रेल परिचालन पर पड़ सकता है। रनिंग स्टाफ का मनोबल बनाए रखना आवश्यक है, ताकि रेल व्यवस्था सुरक्षित और बेहतर बनी रहे और इसका सीधा लाभ यात्रियों को मिल सके।