मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के तीन बार विधायक केदार प्रसाद गुप्ता एक बार फिर सम्राट चौधरी सरकार में मंत्री बनने जा रहे हैं। इससे पहले भी वह बिहार सरकार में पंचायती राज विभाग के मंत्री रह चुके हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने पंचायत व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य किए थे। सरकार ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है और उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी देने का फैसला किया है।
पंचायत राजनीति से विधानसभा तक का सफर
केदार प्रसाद गुप्ता ने अपनी राजनीतिक यात्रा पंचायत स्तर से शुरू की थी। वह पहले वार्ड सदस्य बने और बाद में पंचायत के मुखिया चुने गए। वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने पहली बार कुढ़नी सीट से चुनाव लड़ा और सीधे विधानसभा पहुंच गए। उस चुनाव में उन्होंने क्षेत्र के मजबूत नेता और पूर्व मंत्री मनोज कुशवाहा को हराया था। इसके बाद वह लगातार पांच वर्षों तक विधानसभा सदस्य रहे। हालांकि वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में राजद प्रत्याशी अनिल सहनी ने उन्हें हरा दिया था।
उपचुनाव में वापसी और मंत्री पद
राजनीतिक सफर में बड़ा मोड़ तब आया जब घोटाले के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अनिल सहनी की विधानसभा सदस्यता रद्द हो गई। इसके बाद वर्ष 2022 के उपचुनाव में केदार प्रसाद गुप्ता ने एक बार फिर पूर्व मंत्री मनोज कुशवाहा को कड़े मुकाबले में हराकर जीत हासिल की। जीत के बाद उन्हें बिहार सरकार में पंचायती राज विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बावजूद उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया था और जिले से केवल रमा निषाद को मंत्री पद मिला था। अब एक बार फिर पार्टी ने उन्हें मंत्री पद देने का निर्णय लिया है।
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बीजेपी के भरोसेमंद नेता माने जाते हैं केदार गुप्ता
केदार प्रसाद गुप्ता शुरू से ही बीजेपी के समर्पित और सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं। उनकी पत्नी भी पूर्व में जिला पार्षद रह चुकी हैं। केदार गुप्ता वैश्य समाज से आते हैं, जो पिछड़ा वर्ग में शामिल है और बीजेपी का कोर वोट बैंक माना जाता है। पार्टी संगठन में उनकी मजबूत पकड़ और वरिष्ठ नेताओं से करीबी संबंधों को देखते हुए उन्हें एक भरोसेमंद नेता माना जाता है। यही वजह है कि पार्टी ने एक बार फिर उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी देने का फैसला किया है।