मुजफ्फरपुर स्थित बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (बीआरएबीयू) में पैट 2023-24 की मेरिट लिस्ट में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्रों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शनिवार की देर शाम संयुक्त छात्र संगठन के बैनर तले छात्रों ने मशाल मार्च निकालकर विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
एलएस कॉलेज से कुलपति आवास तक निकाला मशाल मार्च
प्रदर्शनकारी छात्रों ने एलएस कॉलेज गेट से कुलपति आवास तक मशाल मार्च निकाला। इस दौरान छात्रों ने नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि पैट 2023-24 की मेधा सूची तैयार करने में रोस्टर नियमावली की अनदेखी की गई है और गड़बड़ियों पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है। छात्रों ने कहा कि जब तक इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन में सैकड़ों छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
छात्र नेता बोले- कुलपति ने वादा निभाया नहीं
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता चंदन यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति ने तीन सप्ताह पहले जांच कर त्रुटियों को दूर करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुलपति ने छात्रों के हितों को नजरअंदाज किया है। उन्होंने कहा कि अब यह लड़ाई आर-पार की हो चुकी है। छात्र लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं और आगे भी आंदोलन जारी रहेगा।
"याचना का समय खत्म, अब संघर्ष का समय"
चंदन यादव ने कहा कि छात्रों ने लगातार अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखी, लेकिन उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि अब याचना का समय खत्म हो चुका है और संघर्ष का समय आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहर से आए अधिकारियों को बिहार के मेधावी छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं ने कहा कि वे लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने केवल आश्वासन दिया और कोई कार्रवाई नहीं की। छात्रों ने मांग की कि 22 जून से शुरू होने वाली नामांकन प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए। पहले मेरिट लिस्ट की पूरी जांच की जाए और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, उसके बाद ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा।