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Bihar: मशरूम क्लस्टर के नाम पर कर्ज, अब कोर्ट की तारीखों से परेशान जीविका दीदियां; 26 अगस्त को अगली सुनवाई

Thu, 20 Aug 2026 08:20 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

मुजफ्फरपुर में मशरूम क्लस्टर के नाम पर लिए गए कर्ज और कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला एसडीओ पूर्वी के न्यायालय पहुंच गया है। 19 अगस्त को हुई पहली सुनवाई में छह जीविका दीदियों समेत दोनों पक्षों ने अपना पक्ष रखा।
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मशरूम क्लस्टर जीविका दीदी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के मुजफ्फरपुर में मशरूम क्लस्टर के नाम पर लिए गए कर्ज और उसके बाद कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला अब एसडीओ पूर्वी के न्यायालय तक पहुंच गया है। मामले में दोनों पक्षों की सुनवाई शुरू हो गई है। 19 अगस्त को हुई पहली सुनवाई में दोनों पक्षों ने अपना-अपना पक्ष रखा। सुनवाई के बाद जीविका दीदियों में नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना है कि पहले उन्हें कर्ज के बोझ तले दबाया गया और अब न्याय के लिए तारीख पर तारीख मिल रही है। मामले की अगली सुनवाई 26 अगस्त को होगी।

एसडीओ पूर्वी की अदालत में दोनों पक्षों ने रखा अपना पक्ष

एसडीओ पूर्वी के न्यायालय में हुई सुनवाई में एक पक्ष की ओर से छह जीविका दीदियां शामिल रहीं। वहीं दूसरे पक्ष में ग्रेविटी एग्रो एंड एनर्जी एजेंसी, उसके निदेशक आशुतोष मंगलम, जीविका की डीपीएम अनीशा गांगुली और उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक की बोचहां व मुशहरी शाखाओं के प्रबंधकों को शामिल किया गया है।

न्यायालय ने दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया था। इसके लिए 19 अगस्त की तारीख तय की गई थी। सुनवाई के दौरान जीविका दीदियों ने कर्ज की राशि, मशरूम क्लस्टर के संचालन और कथित तौर पर राशि के इस्तेमाल से जुड़े मुद्दों को अदालत के सामने रखा। वहीं दूसरे पक्ष की ओर से भी लगाए गए आरोपों पर अपना पक्ष रखा गया।

पहली सुनवाई के बाद अब अगली सुनवाई 26 अगस्त को होगी।

दो दिन कलेक्ट्रेट में अनशन के बाद कोर्ट पहुंचा मामला

दरअसल, अपनी मांगों को लेकर जीविका दीदियों ने कुछ दिन पहले मुजफ्फरपुर कलेक्ट्रेट परिसर में दो दिनों तक अनशन किया था। मामले की जानकारी मिलने के बाद एसडीओ पूर्वी आनंद उत्सव धरनास्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने महिलाओं को पानी पिलाकर अनशन खत्म कराया था, जिसके बाद सभी महिलाएं अपने घर लौट गई थीं।

इसके बाद इस पूरे मामले को लेकर एसडीओ पूर्वी के न्यायालय में वाद दायर किया गया। अदालत ने दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा और सुनवाई के लिए 19 अगस्त की तारीख तय की गई।

‘तारीख पर तारीख से गरीब महिलाओं की मुश्किल बढ़ रही’

मुजफ्फरपुर के मुशहरी प्रखंड की विशाल सीएलएफ से जुड़ी जीविका दीदी निभा सिंह ने कहा कि वे सभी गरीब महिलाएं हैं। बार-बार कोर्ट आने में उनका समय और पैसा दोनों खर्च हो रहा है। उन्होंने बताया कि महिलाओं पर पहले से ही करीब 5 लाख रुपये तक का कर्ज बताया जा रहा है।

निभा सिंह ने कहा कि अब हर तारीख पर मुजफ्फरपुर आना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। इसके बावजूद उन्हें एसडीओ न्यायालय से न्याय मिलने की उम्मीद है। उनका कहना है कि मामले का समाधान कब होगा और इसमें कितना समय लगेगा, यह कहना मुश्किल है।

वहीं एक अन्य जीविका दीदी ने आरोप लगाया कि उन्हें न तो काम मिला और न ही क्लस्टर से कोई फायदा हुआ, बल्कि उनके नाम पर ही लोन चढ़ गया। उन्होंने कहा कि कर्ज की वजह से उनका सिविल भी खराब हो रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।

जीविका दीदियों ने तीन पक्षों को बताया जिम्मेदार

जीविका दीदियों ने अपनी मौजूदा स्थिति के लिए तीन पक्षों को जिम्मेदार बताया है। निभा सिंह के मुताबिक, इसमें पहला नाम ग्रेविटी एग्रो एंड एनर्जी एजेंसी का है, दूसरा जीविका की डीपीएम अनीशा गांगुली का और तीसरा संबंधित बैंक अधिकारियों का है।

महिलाओं का आरोप है कि मशरूम क्लस्टर के लिए लोन स्वीकृत और वितरित किए जाने से पहले बैंक स्तर पर भी योजना की समुचित जांच होनी चाहिए थी। उनका कहना है कि राशि जारी करने से पहले बैंक को क्लस्टर, योजना और मौके पर होने वाले काम की स्थिति का सत्यापन करना चाहिए था।

जीविका दीदियों ने एजेंसी पर लोन की राशि निकलवाने और योजना को अपेक्षित तरीके से संचालित नहीं करने का आरोप लगाया है। वहीं जीविका की डीपीएम अनीशा गांगुली पर महिलाओं ने दबाव बनाने और उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है।

‘आखिर हमारी गलती क्या है?’

जीविका दीदियों का कहना है कि अगर क्लस्टर के नाम पर लोन लिया गया, लेकिन योजना के मुताबिक काम नहीं हुआ और अब उसका बोझ उनके ऊपर आ गया, तो आखिर उनकी गलती क्या है। महिलाओं का कहना है कि वे पहले ही आर्थिक परेशानी से जूझ रही हैं और अब कर्ज के साथ कोर्ट की तारीखों में आने-जाने का खर्च भी उठाना पड़ रहा है। फिलहाल मामले में पहली सुनवाई पूरी हो चुकी है और 26 अगस्त को अगली सुनवाई होनी है। अब जीविका दीदियों की नजर अदालत की आगे की कार्रवाई पर टिकी है।

 

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