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Bihar News: खुद को जज बता साइबर फ्रॉड गिरोह ने ट्रांसपोर्टर को बनाया निशाना, 20 लाख की ठगी कर हुआ फरार

Tue, 05 May 2026 07:45 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

Bihar News: मुजफ्फरपुर में साइबर ठगों ने खुद को पटना हाई कोर्ट का जज बताकर एक ट्रांसपोर्टर को निशाना बनाया और करीब 20 लाख रुपये ठग लिए। ठग ने पहले परिवहन पदाधिकारी के जरिए भरोसा जीतकर ट्रांसपोर्टर का नंबर हासिल किया, फिर जरूरी काम के बहाने पैसे मंगवाए। पैसे ट्रांसफर होने के बाद आरोपी का फोन बंद हो गया, जिससे ठगी का खुलासा हुआ।
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जज बनकर ठगी - फोटो : Samvad
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विस्तार
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मुजफ्फरपुर जिले में साइबर ठगी का बड़ा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस बार साइबर फ्रॉड ने कोई पुलिस अधिकारी नहीं, बल्कि जज बनकर ठगी की है। ठग ने खुद को पटना हाई कोर्ट का जज बताकर वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने इस बार किसी आम आदमी को नहीं, बल्कि एक ट्रांसपोर्टर को निशाना बनाते हुए करीब 20 लाख रुपये ठग लिए। साइबर पुलिस की टीम मामले की जांच-पड़ताल और कार्रवाई में जुटी हुई है।

परिवहन पदाधिकारी के जरिए साधा संपर्क
दरअसल, ठगी करने वाले शातिर ने इसके लिए परिवहन पदाधिकारी के माध्यम से संपर्क साधा और भरोसा जीतकर ट्रांसपोर्टर का नंबर हासिल किया। इस मामले में अपर जिला परिवहन पदाधिकारी कुमार विवेक ने सदर थाने में लिखित शिकायत देकर पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

जज बनकर मांगा ट्रांसपोर्टर का नंबर
बताया गया है कि बीते माह 24 अप्रैल 2026 को दिन में कुमार विवेक के मोबाइल पर एक कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को पटना हाई कोर्ट का न्यायाधीश राजीव रंजन बताया और मुजफ्फरपुर जिले के किसी विश्वसनीय ट्रांसपोर्टर का नंबर मांगा। उच्च पदाधिकारी समझकर उन्होंने ट्रांसपोर्टर उदय शंकर प्रसाद सिंह का मोबाइल नंबर साझा कर दिया।

झांसे में लेकर कराई 20 लाख की ट्रांसफर
इसके बाद ठग ने ट्रांसपोर्टर से संपर्क किया और जरूरी काम के नाम पर बातचीत शुरू कर उसे झांसे में लिया। ठग ने खुद को जज बताते हुए कुछ काम के लिए पैसे की जरूरत बताई और भरोसा दिलाया कि राशि जल्द लौटा दी जाएगी। इसके बाद ट्रांसपोर्टर ने अलग-अलग माध्यमों से कुल 20 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

फोन बंद होने पर खुली ठगी की पोल
जब बाद में संपर्क करने की कोशिश की गई तो आरोपी का मोबाइल नंबर लगातार बंद मिला। इसके बाद ट्रांसपोर्टर ने पूरे मामले की जानकारी परिवहन पदाधिकारी को दी, तब जाकर ठगी का खुलासा हुआ। इसके बाद अधिकारी ने तुरंत मामले की शिकायत पुलिस को दी, जिसके आधार पर जांच शुरू कर दी गई है।

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पुलिस ने लोगों को किया सावधान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ठगी से संबंधित इस मामले में जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही आरोपी की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर, चाहे वह किसी बड़े अधिकारी के नाम से ही क्यों न हो, बिना सत्यापन के पैसे का लेन-देन न करें। ऐसे लोगों से सावधान रहें।

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