मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड में बहने वाली बागमती नदी में एक बार फिर मगरमच्छ देखे जाने से स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया है। खासकर मवेशी पालकों और मछुआरों के बीच डर गहरा गया है। मगरमच्छ की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन ने नदी में नहाने और मवेशियों को पानी पिलाने पर अस्थायी रोक लगा दी है।
प्रखंड क्षेत्र के बर्री बसघट्टा पंचायत के ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने नदी किनारे कई स्थानों पर मगरमच्छ को देखा है। उनका कहना है कि यह जलचर नदी किनारे चरने और पानी पीने आने वाले मवेशियों पर हमला कर सकता है। इसे लेकर ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सूचना दी, जिसके बाद लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
ग्रामीणों में भय का माहौल
ग्रामीणों ने पतारी, अंदामा, गंगिया, भवानीपुर और चंदौली के पास मगरमच्छ देखे जाने की बात कही है। उन्होंने इसकी तस्वीरें भी ली हैं। लगातार बारिश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति के कारण वन क्षेत्रों से मगरमच्छ नदी में बहकर आ जाते हैं। कटरा प्रखंड के नवादा गांव निवासी संजय कुमार ने बताया कि यह पहला मौका नहीं है जब मगरमच्छ दिखाई दिया हो। हर साल बाढ़ के दौरान यह दृश्य सामने आता है। उन्होंने कहा कि अगर समय पर सावधानी न बरती जाए, तो यह खतरनाक हो सकता है।
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मवेशियों और मछुआरों पर खतरे की आशंका
ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी मगरमच्छ के हमले में कई मवेशी मारे जा चुके हैं। मछुआरों पर भी हमले की आशंका बनी रहती है। बावजूद इसके, अब तक वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले भी कई बार विभाग को सूचित किया गया, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।
एहतियात और सूचना
स्थिति को देखते हुए जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से नदी किनारे जाने से बचने की अपील की है। मछुआरों को भी बागमती नदी के संभावित खतरनाक क्षेत्रों में मछली पकड़ने के दौरान सावधानी बरतने को कहा गया है। वहीं, वन विभाग को भी इस बारे में सूचित कर दिया गया है।