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Bihar News: सरकारी स्कूल में हादसे के बाद दहशत, छत का प्लास्टर गिरने से सहमे बच्चे; बरामदे में चल रही पढ़ाई

Tue, 14 Jul 2026 05:46 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

मुजफ्फरपुर के आमगोला स्थित राजकीय मध्य विद्यालय में छत का प्लास्टर गिरने के बाद बच्चों और अभिभावकों में डर का माहौल है। हादसे में दो छात्राएं घायल हुई थीं, जिसके बाद स्कूल में बच्चों की उपस्थिति करीब 25 फीसदी तक घट गई है।
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हादसे के बाद स्कूल आने से डर रहे बच्चे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुजफ्फरपुर के आमगोला स्थित राजकीय मध्य विद्यालय में छत का प्लास्टर गिरने की घटना के बाद बच्चों और अभिभावकों में डर का माहौल है। सोमवार को मिड डे मील के दौरान हुए हादसे में दो छात्राएं घायल हो गई थीं। इसके बाद मंगलवार को स्कूल में बच्चों की उपस्थिति करीब 25 फीसदी तक कम हो गई। हालात ऐसे हैं कि अब बच्चों की पढ़ाई कमरे के बजाय बरामदे में कराई जा रही है।

जर्जर भवन में चल रहा है स्कूल

यह स्कूल पिछले एक दशक से सामुदायिक भवन में संचालित हो रहा है। भवन की हालत काफी खराब है। तीन कमरों वाले इस भवन में दो कमरों में कक्षाएं चलती थीं, जबकि एक छोटे कमरे में स्कूल का कार्यालय और मिड डे मील दोनों का संचालन होता है। सीमित जगह और जर्जर भवन की वजह से बच्चों और शिक्षकों को रोज परेशानी का सामना करना पड़ता है।

एक कमरे में पढ़ाई, बरामदे का भी सहारा

हादसे के बाद एक कमरे का इस्तेमाल बंद कर दिया गया है। अब एक कमरे और बरामदे में बच्चों की पढ़ाई कराई जा रही है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि मौजूदा स्थिति में पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा भी बड़ी चुनौती बन गई है।

अभिभावकों में डर, पहले भी गिर चुका है प्लास्टर

सोमवार को हुए हादसे में एक छात्रा के सिर में गंभीर चोट लगी थी। इसके बाद कई अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से बच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भी कई बार छत और रेलिंग का प्लास्टर गिर चुका है, लेकिन भवन की मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई।

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प्रधानाचार्य ने विभाग से लगाई गुहार

स्कूल की प्रधानाचार्य ने बताया कि भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी कई बार शिक्षा विभाग को दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक भी डर के माहौल में काम कर रहे हैं और हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने दिए निर्देश

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि जिले के सभी जर्जर स्कूलों को जल्द दूसरे सुरक्षित भवनों में शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई स्कूल असुरक्षित भवन में चल रहा है तो संबंधित प्रधानाध्यापक तुरंत इसकी सूचना विभाग को दें। बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर स्कूल को दूसरे भवन में स्थानांतरित किया जाएगा।

 

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