बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में गंडक और बागमती नदी के बाद अब बूढ़ी गंडक नदी भी उफान पर है। बीते चार दिनों में बूढ़ी गंडक के जलस्तर में करीब तीन मीटर की वृद्धि हुई है, जिससे निचले इलाकों में चिंता बढ़ गई है। नदी का पानी तेजी से बढ़ने के कारण कई स्थानों पर पानी पहुंचने लगा है। सिकंदरपुर स्थित सीढ़ी घाट तक बूढ़ी गंडक का पानी पहुंच गया है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है।
चार दिन में तीन मीटर बढ़ा बूढ़ी गंडक का जलस्तर
बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में पिछले चार दिनों में करीब तीन मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में नदी का जलस्तर 50.03 मीटर बताया जा रहा है और यह अभी खतरे के निशान से नीचे है। हालांकि पानी जिस तेजी से बढ़ रहा है, उससे आने वाले दो से तीन दिनों में जलस्तर और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
सिकंदरपुर सीढ़ी घाट तक पहुंचा पानी
जलस्तर बढ़ने के साथ बूढ़ी गंडक का पानी सिकंदरपुर के सीढ़ी घाट तक पहुंच गया है। नदी के निचले इलाकों में भी पानी तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। स्थानीय स्तर पर भी लोगों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है, ताकि जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होने पर समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें।
छह प्रखंड पहले से बाढ़ की चपेट में
मुजफ्फरपुर जिले के छह प्रखंड बाढ़ से प्रभावित हैं। गंडक नदी के प्रवाहित क्षेत्र में साहेबगंज, पारू और सरैया प्रखंड शामिल हैं। इनमें साहेबगंज और सरैया की स्थिति सबसे ज्यादा खराब बताई जा रही है। वहीं, पारू प्रखंड क्षेत्र में बांध टूटने के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। प्रशासन की टीम प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है।
बागमती से औराई, कटरा और गायघाट प्रभावित
बागमती नदी के बाढ़ के कारण औराई, कटरा और गायघाट प्रखंड भी प्रभावित हैं। इनमें कटरा और गायघाट में बाढ़ का असर ज्यादा देखने को मिला है। हालांकि बागमती नदी का जलस्तर फिलहाल स्थिर बताया जा रहा है, लेकिन प्रभावित इलाकों में स्थिति अब भी खराब बनी हुई है। प्रशासन की ओर से इन क्षेत्रों में भी लगातार निगरानी की जा रही है।
राहत-बचाव के साथ कम्युनिटी किचन जारी
जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी के साथ जरूरत के अनुसार राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। प्रशासन की ओर से कम्युनिटी किचन भी संचालित किए जा रहे हैं, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा सके।
प्रशासन ने लोगों से पैनिक नहीं करने की अपील की
गंडक और बागमती नदी के जलस्तर में फिलहाल स्थिरता के बीच बूढ़ी गंडक में तेजी से हो रही वृद्धि ने प्रशासन की चिंता बढ़ाई है। जिला प्रशासन ने लोगों से पैनिक नहीं करने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल नियंत्रण कक्ष को सूचना दें और राहत-बचाव कार्य में प्रशासन का सहयोग करें। प्रशासन की टीमें लगातार जलस्तर और बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।