बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की सहायक अभियोजन पदाधिकारी (APO) प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा बुधवार को राज्य के पांच शहरों में आयोजित की गई। परीक्षा पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, भोजपुर और नालंदा के कुल 81 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में संपन्न कराई जा रही है। इनमें मुजफ्फरपुर जिले के 13 परीक्षा केंद्र भी शामिल हैं। परीक्षा के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और निगरानी के व्यापक इंतजाम किए हैं। आयोग द्वारा इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 300 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं।
दो पालियों में हुई परीक्षा
बीपीएससी एपीओ प्रारंभिक परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली- सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक (सामान्य अध्ययन) और दूसरी पाली- दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक (विधि विषय) में आयोजित की गई। पहली पाली के लिए अभ्यर्थियों का प्रवेश सुबह 8:00 बजे से शुरू हुआ और सुबह 9:00 बजे गेट बंद कर दिया गया। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
एक मिनट की देरी भी बनी परीक्षा से बाहर होने की वजह
मुजफ्फरपुर के मोतीझील स्थित बीबी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक महिला और एक पुरुष अभ्यर्थी निर्धारित समय से करीब एक मिनट की देरी से पहुंचे। दोनों ने काफी देर तक प्रवेश देने की गुहार लगाई, लेकिन आयोग के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए केंद्र का गेट नहीं खोला गया। केंद्र अधीक्षक ने स्पष्ट कहा कि आयोग और जिला प्रशासन की गाइडलाइन का अक्षरशः पालन किया जा रहा है। निर्धारित समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती।
तीन स्तर की जांच के बाद मिला प्रवेश
परीक्षा को निष्पक्ष, कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी केंद्रों पर तीन स्तर की तलाशी की व्यवस्था की गई थी। पहले चरण में प्रवेश द्वार पर प्रारंभिक जांच और दूसरे चरण में विस्तृत तलाशी ली गई।
ये भी पढ़ें-
दोस्ती, प्यार और फिर खौफनाक अंत! खुदनेश्वर धाम में जिसकी मांग भरी, क्या वही बन गई मौत की वजह?
परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले अंतिम जांच
इसके अलावा सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, जैमर, पर्याप्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
दो प्रवेश पत्र साथ लाने के थे निर्देश
जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों को दो प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) साथ लाने के निर्देश दिए थे। इनमें से एक हस्ताक्षरित प्रवेश पत्र परीक्षा के दौरान वीक्षक को जमा करना अनिवार्य था। निर्धारित दस्तावेज नहीं होने पर अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने में परेशानी हो सकती थी। आयोग ने यह दिशा-निर्देश पहले ही जारी कर दिए थे।