बिहार के दरभंगा जिले के जाले प्रखंड के बीडीओ मनोज कुमार को उनकी पत्नी अमृता कुमारी की संदिग्ध मौत के मामले में मिठनपुरा थाना पुलिस ने मंगलवार को अहियापुर थाना क्षेत्र के जीरोमाइल चौक से गिरफ्तार कर लिया। दहेज हत्या के दर्ज मामले में हुई इस गिरफ्तारी के साथ बहुचर्चित केस की जांच निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। पुलिस का दावा है कि आरोपी बीडीओ को उस समय पकड़ा गया, जब वह नेपाल जाने की तैयारी में था।
मृतका के परिजनों ने बीडीओ पर दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा, एक महिला सब-इंस्पेक्टर से कथित संबंध और हत्या जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। मामले की जानकारी सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
सरकारी आवास में मिली थी महिला
दरअसल, मिठनपुरा थाना क्षेत्र के कन्हौली स्थित सरकारी आवास पर शुक्रवार देर रात 29 वर्षीय अमृता कुमारी अचेत अवस्था में मिली थीं। इसके बाद ससुराल पक्ष उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां से बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। हालांकि, सदर अस्पताल ले जाने के क्रम में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद मायके पक्ष मुजफ्फरपुर पहुंचा और मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और जांच शुरू की। साथ ही मृतका का मोबाइल फोन जब्त कर एफएसएल टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
'महिला दारोगा से संबंध का विरोध करती थी अमृता'
मृतका के परिजनों ने एफआईआर में आरोप लगाया है कि बीडीओ मनोज कुमार का बेगूसराय में तैनात एक महिला सब-इंस्पेक्टर से कथित संबंध था। उनका दावा है कि अमृता इसका लगातार विरोध करती थीं, जिसके कारण उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। आरोप है कि विरोध करने पर कई बार मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। हालांकि, पुलिस का कहना है कि एफआईआर में लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर ही होगी। फिलहाल पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार है।
'रीढ़ की हड्डी तक तोड़ने का आरोप'
परिजनों का कहना है कि वर्ष 2023 में शादी के शुरुआती दिनों तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन बाद में दहेज को लेकर विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि बीडीओ मनोज कुमार ने 10 लाख रुपये की मांग की थी। परिजनों के अनुसार, इसी वर्ष जनवरी में अमृता के साथ इतनी बेरहमी से मारपीट की गई कि उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया था। इसके बावजूद प्रताड़ना जारी रही। इस मामले में बीडीओ मनोज कुमार के अलावा उनके माता-पिता, भाई और बहन के खिलाफ दहेज हत्या समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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'हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल पर फोकस'
सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि मिठनपुरा थाना क्षेत्र में महिला की मौत के मामले में जाले के बीडीओ मनोज कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई होगी।
उन्होंने बताया कि अब तक की जांच में आत्महत्या की आशंका के संकेत मिले हैं। साथ ही बीडीओ के किसी अन्य महिला से संबंध होने की बात भी सामने आई है। मौके से दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस हत्या और आत्महत्या, दोनों पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।