बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बोचहा प्रखंड क्षेत्र के रतनपुरा गांव का रहने वाला युवक मो. मुस्तफा देश विरोधी गतिविधियों को लेकर कट्टरपंथी सोच से प्रभावित हो गया था। बताया जा रहा है कि वह पाकिस्तान समर्थित कट्टरपंथी ताकतों और आकाओं के संपर्क में आ गया था। सोशल मीडिया पर कट्टर इस्लामिक धार्मिक प्रवचनों से प्रभावित होकर उसके भीतर प्रतिशोध की भावना बढ़ती चली गई और वह किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में जुट गया। इसी दौरान वह मुजफ्फरपुर जिले में स्थित अर्धसैनिक बल सशस्त्र सीमा बल यानी एसएसबी कैंप की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को भेज रहा था। हालांकि बिहार एटीएस ने समय रहते उसे गिरफ्तार कर उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
यूपी में रहने के दौरान पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में आया
जानकारी के मुताबिक मो. मुस्तफा उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में रहने के दौरान पाकिस्तान के हथियार तस्कर शहजाद भट्टी के हैंडलर राणा हुनैन के संपर्क में आया था। राणा हुनैन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर लगातार भारत विरोधी पोस्ट साझा करता था। एटीएस की पूछताछ में यह भी सामने आया है कि मुस्तफा ने पाकिस्तानी तस्कर राणा हुनैन से हथियार मांगे थे। उसने कहा था कि उसे “बहुत कुछ करना है।” एटीएस को शक हुआ कि वह किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा है और इसी नीयत से हथियारों की मांग कर रहा था।
पिता बोले- मोबाइल पर ज्यादा समय बिताता था बेटा
मो. मुस्तफा के पिता मो. सगीर ने बताया कि वह गांव में मजदूरी करते हैं और उनका बेटा भी उनके काम में हाथ बंटाता था। उन्होंने कहा कि पुलिस आई और बेटे को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। पहले कहा गया था कि पूछताछ के बाद छोड़ दिया जाएगा, लेकिन बाद में बताया गया कि उससे कुछ जरूरी जानकारी लेनी है।
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पिता के मुताबिक मुस्तफा ने नौवीं कक्षा में नामांकन लिया था, लेकिन पढ़ाई में उसका मन नहीं लगता था। वह मोबाइल फोन पर काफी समय बिताता था। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उनका बेटा ऐसी गतिविधियों में शामिल हो गया है। मो. मुस्तफा दो बहनों और एक भाई में सबसे छोटा है।
हथियार देने से पहले पाकिस्तानी आकाओं ने ली परीक्षा
एटीएस की जांच में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान में बैठे हथियार तस्कर शहजाद भट्टी और उसके हैंडलरों ने पहले मुस्तफा की परीक्षा ली थी। एटीएस अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तानी हैंडलरों ने हथियार देने से पहले उसका पूरा इस्तेमाल किया ताकि यह तय किया जा सके कि वह पाकिस्तान के लिए काम करने में सक्षम है या नहीं। जब मुस्तफा ने हथियार मांगे तो पाकिस्तानी आकाओं ने उससे कहा कि पहले कुछ और ट्रेनिंग लो, उसके बाद हथियार दिए जाएंगे।
संवेदनशील स्थलों की तस्वीरें और लोकेशन भेजी
जांच एजेंसियों के अनुसार मुस्तफा ने पाकिस्तानी हैंडलरों के प्रभाव में आकर कई संवेदनशील स्थलों की तस्वीरें और वीडियो भेजे थे। इनमें एसएसबी कैंप की तस्वीरें और वीडियो भी शामिल थे। इतना ही नहीं, उसने संवेदनशील स्थानों के भौगोलिक कोऑर्डिनेट्स भी पाकिस्तान में बैठे आतंकियों तक पहुंचाए थे।
अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी एटीएस
बिहार एटीएस अब इस मामले में यह जांच कर रही है कि क्या मो. मुस्तफा के साथ अन्य युवक भी पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में थे। फिलहाल जांच में यह सामने आया है कि पाकिस्तानी हथियार तस्करों के संपर्क में केवल मो. मुस्तफा ही था। अब एटीएस आरोपी के मोबाइल फोन की गहन जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किसी अन्य जगह को निशाना बनाने की योजना तो नहीं बना रहा था।