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Bihar News: चमकी बुखार का कहर, बोचहा बना हॉटस्पॉट, स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर

Thu, 15 May 2025 10:39 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

मुजफ्फरपुर में एक बार फिर चमकी बुखार यानी एईएस के मामले बढ़ने लगे हैं। अब तक कुल 19 केस सामने आए हैं, जिनमें से 16 अकेले मुजफ्फरपुर जिले से हैं। सबसे ज्यादा मामले बोचहा प्रखंड से आए हैं, जिससे यह इलाका एईएस का केंद्र बन गया है।
 
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लगातार बढ़ रहे हैं चमकी बुखार के मामले - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुजफ्फरपुर जिले में एक बार फिर चमकी बुखार (AES) के मामले बढ़ने लगे हैं। बोचहा प्रखंड के एक बच्चे में बीमारी की पुष्टि के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। शाम को मेडिकल कॉलेज के बच्चों के स्पेशल वार्ड (पीकू) में भर्ती एक और बच्चे में AES की पुष्टि हुई है। इसके बाद जिले में कुल मामलों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। इनमें से 16 केस सिर्फ मुजफ्फरपुर के हैं, जबकि बाकी 3 केस गोपालगंज, सीतामढ़ी और शिवहर जिलों से हैं।

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उत्तर बिहार में लगातार बढ़ती गर्मी और उमस के कारण बीमारी के मामलों में इजाफा हो रहा है। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मेडिकल कॉलेज की अधीक्षक डॉ. कुमारी विभा ने बताया कि हमारी तैयारी पूरी है और हम हर स्थिति से निपटने के लिए 24x7 काम कर रहे हैं।

चमकी बुखार को लेकर गांव-गांव जागरूकता अभियान

चमकी बुखार (AES) को लेकर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन मिलकर लगातार लोगों को जागरूक करने में जुटे हुए हैं। खुद मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी डॉ. सुब्रत सेन इस अभियान की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने जिले के सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हर शनिवार शाम को अपने क्षेत्र में "संध्या चौपाल" लगाकर लोगों को जानकारी दें। इन चौपालों में गांव-गांव घूमकर बताया जा रहा है कि अगर किसी बच्चे में बुखार के लक्षण दिखें तो परिवार को क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
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लोगों से अपील की जा रही है कि किसी भी हालत में ग्रामीण डॉक्टर या झोला छाप डॉक्टरों के पास न जाएं। इसके बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या मेडिकल कॉलेज में इलाज कराएं। साथ ही, आशा और एएनएम कार्यकर्ता भी गांवों में घूम-घूमकर लोगों को चमकी बुखार के लक्षण और बचाव के तरीके समझा रही हैं।

बोचहा प्रखंड बना चमकी बुखार का केंद्र

मुजफ्फरपुर जिले में अब तक चमकी बुखार (AES) के 19 मामलों में से 16 केस इसी जिले से सामने आए हैं। इनमें से सबसे ज्यादा 6 केस बोचहा प्रखंड से मिले हैं, जिससे यह इलाका एईएस का एपीसेंटर बन गया है। बाकी केस मुसहरी, पारू, मोतीपुर और मीनापुर प्रखंड से सामने आए हैं। इन प्रभावित इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है ताकि लोग सतर्क रहें और केस न बढ़े।

SKMCH मेडिकल कॉलेज पूरी तैयारी में

श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल (SKMCH) की अधीक्षक डॉ. कुमारी विभा ने बताया कि AES को लेकर अस्पताल पूरी तरह तैयार है। बुखार से पीड़ित बच्चों की जांच और इलाज के लिए खास व्यवस्था की गई है। अभी तक भर्ती सभी बच्चों का इलाज सफल रहा और वे स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।

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100 बेड वाला ICU आधारित पीकू वार्ड 24 घंटे तैयार है। जरूरत पड़ने पर और वार्ड भी रिजर्व रखे गए हैं। डॉक्टरों की ड्यूटी शेड्यूल के हिसाब से लगाई गई है, और कोई भी लापरवाही करता है तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी। दवाइयां और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।

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