मुजफ्फरपुर जिले के चर्चित प्रसाद अस्पताल अग्निकांड मामले के बाद अस्पतालों द्वारा नियमों का पालन नहीं किए जाने के खिलाफ आज फिर कार्रवाई की गई। मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने जांच के दौरान लापरवाही बरत रहे एक दर्जन से अधिक निजी अस्पतालों को सील कर दिया। इस दौरान कई निजी अस्पतालों को नोटिस भी जारी किया गया। एसडीएम पूर्वी तुषार कुमार द्वारा लगातार शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित अवैध नर्सिंग होम पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील किया जा रहा है। बीते दिनों 13 अस्पतालों को सील किए जाने के बाद सोमवार को 12 और अस्पतालों को सील कर दिया गया। इस दौरान दर्जनों अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है।
नियमों की अनदेखी पर प्रशासन का सख्त रुख
पूरे मामले में एसडीएम पूर्वी तुषार कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन की टीम अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। आज दर्जनों अस्पतालों को सील किया गया है। इससे पहले 13 निजी अस्पतालों को सील किया जा चुका है और आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि अभी कई अस्पताल जांच के दायरे में हैं। जांच के दौरान फायर ऑडिट मानकों, हॉस्पिटल एक्ट के प्रावधानों, इलाज करने वाले डॉक्टरों की उपलब्धता तथा मरीजों की सूची की जांच की गई। कई संस्थान इन मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद कार्रवाई की गई।
छापेमारी की भनक लगते ही कई संचालक हुए फरार
अवैध नर्सिंग होम के खिलाफ जिला प्रशासन की छापेमारी के दौरान कई अस्पताल संचालक मौके से फरार हो गए। एसडीएम पूर्वी तुषार कुमार के नेतृत्व में अहियापुर थाना क्षेत्र में जिन अस्पतालों को सील किया गया, उनमें ग्रीन डायमंड हॉस्पिटल, गणेश नर्सिंग होम, गोल्ड हॉस्पिटल, रॉयल इमरजेंसी हॉस्पिटल, अपूर्वा हॉस्पिटल, हेल्थ हेवन हॉस्पिटल, सहारा हॉस्पिटल और अनुपम हॉस्पिटल प्रमुख हैं। इसके अलावा कई अस्पताल संचालक मौके से भागने में सफल रहे, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। वहीं कई अस्पतालों से जवाब मांगा गया है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टर नहीं, सुविधाएं नहीं; फिर भी चल रहा था इलाज
जिला प्रशासन की टीम जब इन अस्पतालों की जांच के लिए पहुंची तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। अस्पतालों में मरीज भर्ती थे, लेकिन उनके इलाज के लिए कई स्थानों पर डॉक्टर मौजूद नहीं थे। इसके अलावा गंभीर मरीजों का भी उपचार किया जा रहा था, जबकि आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं और उपकरण उपलब्ध नहीं थे। यह स्थिति मेडिकल एक्ट के प्रावधानों के विपरीत पाई गई।
ये भी पढ़ें:
MLC बनाने का सपना दिखा शिक्षिका से लाखों की ठगी! नशीला पदार्थ देकर शोषण और वीडियो से ब्लैकमेल का आरोप
मेडिकल माफियाओं में हड़कंप, जांच का दायरा बढ़ा
बिना पर्याप्त संसाधनों और आवश्यक मानकों के संचालित अवैध नर्सिंग होम के खिलाफ जिला प्रशासन की कार्रवाई से मेडिकल माफियाओं में हड़कंप मच गया है। प्रशासन अब तक 25 अस्पतालों को सील कर चुका है, जबकि 50 से अधिक अस्पतालों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।