मुजफ्फरपुर जिले में देश के सबसे युवा क्रांतिकारी और ब्रिटिश मजिस्ट्रेट किंग्जफोर्ड पर बम फेंकने वाले महान शहीद खुदीराम बोस की चिता भूमि स्थल अब पर्यटन स्थल के रूप में विकसित की जाएगी। जिला प्रशासन ने इसे लेकर कवायद तेज कर दी है। डीएम सुब्रत सेन ने बताया कि शहर के पूर्वी छोर पर बूढ़ी गंडक नदी पर बन रहे चंदवारा घाट पुल के एप्रोच पथ के पास इस चिता भूमि स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस दिशा में विभाग को भी प्रस्ताव भेज दिया गया है और विकास कार्य की तैयारियों को जल्द शुरू किया जाएगा।
यह देश के सबसे कम उम्र में शहादत देने वाले क्रांतिकारी खुदीराम बोस का तीसरा पर्यटन स्थल होगा। इससे पहले सेंट्रल जेल में उनकी समाधि एवं फांसी स्थल और कंपनी हाउस में अमर शहीद खुदीराम बोस का स्मारक स्थल बन चुका है। अब चिता भूमि स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
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इस पर्यटन स्थल के बनने से मिथिला क्षेत्र के दरभंगा, मधुबनी, सुपौल और सहरसा से आने वाले लोग ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के इस मार्ग से सीधे शहर में प्रवेश करेंगे और चंदवारा घाट के पास से होकर पर्यटन स्थल तक पहुंचेंगे।
डीएम सुब्रत सेन ने कहा कि मुजफ्फरपुर में इस स्थल के निर्माण से न केवल शहर के लोगों बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए भी यह पर्यटन स्थल और सीखने का केंद्र बनेगा। यहां एक विशेष पार्क का निर्माण कराया जाएगा, जिससे देश के महान शहीद खुदीराम बोस के जीवन और कृतित्व को लोग जान सकेंगे। यह नया पर्यटन स्थल चंदवारा घाट के फेज दो में शामिल किया गया है, जिससे स्थानीय क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को देश के इस युवा क्रांतिकारी के संघर्ष और शहादत के बारे में जानने का अवसर मिलेगा।