बैठक के दौरान हंगामा करते कार्यकर्ता
बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद मोतिहारी में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर द्वारा आयोजित संगठनात्मक बैठक में भारी हंगामा देखने को मिला। नाराज कार्यकर्ताओं ने खुले मंच से आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व दलालों और चापलूसों से घिरा हुआ है तथा जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है।
प्रशांत के सामने कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी
पूरा मामला पूर्वी चंपारण जिला मुख्यालय मोतिहारी से जुड़ा है, जहां शहर के एक निजी होटल में प्रशांत किशोर की अध्यक्षता में कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता असंतोष जताते हुए खड़े हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी।
कार्यकर्ताओं ने लगाए गंभीर आरोप
कार्यकर्ताओं का आरोप था कि उन्हें बैठक में अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया। इसी बात को लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया। नाराज कार्यकर्ताओं ने प्रशांत किशोर की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप दलालों और चापलूसों से घिरे हैं, जिसके कारण जमीनी कार्यकर्ताओं की आवाज नेतृत्व तक नहीं पहुंच पा रही है। उनका कहना था कि यही वजह है कि पार्टी को चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा।
पैसे वाले लोगों को मिल रही तरजीह
कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि जो लोग लगातार संगठन के लिए काम कर रहे हैं, उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि बाहरी और आर्थिक रूप से संपन्न लोगों को तरजीह दी जा रही है। बैठक के दौरान कार्यक्रम स्थल पर काफी देर तक शोर-शराबा और हंगामा चलता रहा।
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प्रशांत की अपील पर माने कार्यकर्ता
स्थिति बेकाबू होती देख प्रशांत किशोर ने स्वयं माइक संभालते हुए कार्यकर्ताओं से शांत रहने की अपील की। उन्होंने आश्वासन दिया कि संगठन में हर कार्यकर्ता की बात सुनी जाएगी और किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। प्रशांत किशोर के हस्तक्षेप के बाद कार्यकर्ता शांत हुए और बैठक दोबारा शुरू की गई।