बिहार सप्तक्रांति एक्सप्रेस (फाइल फोटो)
पूर्वी चंपारण जिले में रेल पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है। आमतौर पर वर्दीधारियों को लेकर बनने वाली धारणाओं से इतर इस घटना में रेल पुलिस ने समय पर पहल कर एक महिला और नवजात की जान सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाई।
सप्तक्रांति एक्सप्रेस में अचानक बिगड़ी महिला की हालत
यह मामला सुगौली रेलवे स्टेशन से जुड़ा है। दिल्ली से मुजफ्फरपुर जा रही सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12558) में विकलांग बोगी में सवार फुलजहां उर्फ पिंकी को ट्रेन के सुगौली पहुंचने से पहले अचानक तेज लेबर पेन शुरू हो गया। महिला की स्थिति देख ट्रेन में मौजूद यात्रियों में अफरातफरी मच गई।
यात्रियों की सूचना पर तुरंत हरकत में आई जीआरपी
महिला की हालत को देखते हुए यात्रियों ने मोतिहारी जीआरपी को सूचना दी। सूचना मिलते ही रेल पुलिस सक्रिय हो गई और बापूधाम मोतिहारी स्टेशन पर पहले से एम्बुलेंस और डॉक्टर की व्यवस्था कर ली गई, ताकि किसी तरह की देरी न हो।
सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचाया गया महिला को
ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही महिला पुलिसकर्मियों ने पूरी सावधानी के साथ फुलजहां को ट्रेन से उतारा और तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान रेल पुलिस ने संयम और तत्परता के साथ पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया।
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सदर अस्पताल पहुंचने के बाद इलाज के दौरान महिला ने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। डॉक्टरों के अनुसार जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से किसी भी तरह की जटिलता से बचाव हो सका।
रेल पुलिस की भूमिका की हो रही सराहना
इस मानवीय कार्य के लिए रेल पुलिस की चारों ओर सराहना हो रही है। कर्तव्य निभाने की आत्मसंतुष्टि रेल पुलिसकर्मियों के चेहरों पर साफ नजर आई। यह घटना न केवल उनकी तत्परता को दर्शाती है, बल्कि मानवीय मूल्यों की एक मजबूत मिसाल भी पेश करती है।