आज महाशिवरात्रि है और महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर हाजीपुरवासियों और बिहारवासियों को और देशवासियों को और सभी दुनिया के महादेव के भक्तों को महादेव उनके जीवन में सुख शांति समृद्धि दें, स्वस्थ रखें। आज वैशाली जिले के हाजीपुर नगर में वर्षों-वर्षों से महाशिवरात्रि के दिन शिव जी की बारात निकाली जाती है और यहां की परंपरा है कि बाबा पातालेश्वर नाथ मंदिर से पूजन आरती कर महादेव लोगों बको दर्शन देने हेतु निकलते हैं। यह झाकी उनके बारात के रूप में होती है। इसमें सैंकड़ों झाकियां बैंड बाजे, भूत-बैताल, ऋषि संतों से लेकर इस श्रृष्टि के सांप बिच्छू से लेकर भगवान शिव के सभी रूप में मानने वाले लोगों के झाकियों में योगदान होगा है और सम्मिलित होते हैं।
भगवान शिव की बारात में अदभुत नजारा होता है। आठ से दस लाख लोगों की भीड़ होती है। केन्द्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि 10 से 12 घंटे तक भगवान शिवजी की बारात पूरे शहर में भ्रमण करती हैं। अक्षवट राय स्टेडियम में जाकर झांकी में विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाता है। आज का दिन महादेव का दिन है और हमारे भारत मां पुनः विश्व गुरु बने इसके प्रयास में देश में कोई भूखा न हो कोई बेबस अशिक्षित और बेघर न हो, इसके लिए उसके लिए नरेंद्र मोदी दिन रात प्रयत्न कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को महादेव आशीर्वाद देते रहें, ताकि वह देश सेवा और लोक कल्याण के कार्य में इस प्रकार के कार्य में सफल हो रहे हैं और वह सदा सफल हो और भारत विश्व गुरु बने।
मैं भगवान शिव से प्रार्थना किया हूं, आप अपने सभी भक्तों का कल्याण करें। मीडिया द्वारा जब सवाल किया गया तो उन्होंने छात्र जीवन से जुड़े कुछ किस्से कहानी बताए। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने भावुक होकर कहा कि देखिए यह मेरा सौभाग्य है यह यहां के लोगों का आशीर्वाद है और यहां के लोगों के निर्णय के अनुसार छात्र जीवन से ही इस परंपरा का निर्वहन कर रहा हूं। मैं यहीं से विधायक बना हूं, मुझे उजियारपुर के लोगों ने सांसद बनाकर केंद्र में मंत्री बनाया। मैं अपनी पार्टी बीजेपी का बिहार प्रदेश बना का अध्यक्ष रहा, मुझे केंद्रीय नेतृत्व में बनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वजह से आज मैं केंद्रीय गृह राज्यमंत्री बना हूं।
अमित शाह के सानिध्य में कार्य करने का सौभाग्य मुझे मिला है। लेकिन मैं इस परंपरा को थोड़ा भी इधर-उधर होने नहीं दिया हूं। मैं हमेशा इस आयोजन में शामिल होते रहा हूं। मैं तो इस नगर के लोगों का ऋणी हूं। जब मुझे राजनीतिक प्रतिबंधता के कारण निर्दोष होते हुए भी जेल में डाल दिया गया और वह समय किसका था आप सबको पता है तो लोगों ने किसी को भगवान शिव के रथ का इस बैल रूपी इस बैलगाड़ी रथ का किसी को हांकने या चलने का अवसर प्रदान नहीं किया। मुझे तो यह आज मेरी आशीर्वाद की बात है कि जब मैं जेल में था तो यहां के पुजारी और लोग रथ पर बैठे थे और मेरी तस्वीर रखकर भगवान शिव की यात्रा निकाली और वो भी बैलगाड़ी चलाने वाले के रूप में गाड़ीवान के रूप में किसी दूसरे को यह अवसर नहीं दिया।