खगड़िया में ग्रामीणों ने वोट बहिष्कार के लगाए पोस्टर
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बिहार के खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड अंतर्गत सकरोहर गांव में सड़क, बिजली और पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने वोट बहिष्कार के पोस्टर लगाए हैं। वहीं, पोस्टर के जरिए इस गांव में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के प्रवेश को भी वर्जित किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वह अपनी समस्याओं के लिए कई बार अधिकारियों से लेकर नेताओं से अनुरोध कर चुके हैं। लेकिन उनकी समस्या की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
ग्रामीण मतदाताओं का कहना है कि 10 साल से खगड़िया के वर्तमान सांसद चौधरी महबूब अली कैसर द्वारा सिर्फ आश्वासन दिया गया। जबकि इस ओर कोई काम नहीं किया गया। गौरतलब है कि इस गांव में करीब आठ से दस हजार की आबादी रहती है। ऐसे में ग्रामीणों द्वारा मतदान के बहिष्कार का निर्णय लोकसभा प्रत्याशियों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है।
युवा और महिलाएं भी शामिल
जानकारी के मुताबिक, शनिवार देर शाम सैकड़ों ग्रामीणों ने इस संबंध में बैनर और पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। उसमें भारी संख्या में युवा और महिलाएं भी शामिल हुईं। लोगों का कहना है कि बीते 10 वर्ष से उनके गांव से प्रखंड मुख्यालय बेलदौर जाने वाली सड़क जर्जर है।उसके कारण बारिश के मौसम में पूरी तरह सड़क जलमग्न हो जाती है और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली और पानी भी उनके गांव में एक बड़ी समस्या है। इन्हीं बातों को लेकर वे लोग अब वोट का बहिष्कार कर रहे हैं। लोगों का आरोप है कि उनके वोट से नेता संसद और विधानसभा पहुंच तो जा रहे हैं। बावजूद उनकी समस्या का कोई निदान नहीं किया जा रहा है।
नेताओं के प्रवेश पर भी लगाया रोक
गांव के लोगों ने कहा कि अभी चुनाव का समय है। इसलिए नेता वोट की चाह में उनके पास आ रहे हैं। जो सिर्फ चुनावी आश्वासन देकर चले जा रहे हैं। ऐसे में वे लोग खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। लोगों ने कहा कि अब उनके गांव में नेताओं के प्रवेश पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है। साथ ही सभी ग्रामीण वोट का बहिष्कार करेंगे।