लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' शुक्रवार को बिहार के मुजफ्फरपुर लोकसभा क्षेत्र में पहुंचा। यहां सुबह चाय पर चर्चा में आम मतदाताओं के मुद्दे जाने गए। दोपहर में युवाओं से चर्चा में मतदाताओं ने अपने मुद्दों को खुलकर सामने रखा। वहीं, अब राजनीतिक दलों के नेताओं से मतदाताओं के मुद्दों-समस्याओं पर सवाल-जवाब किए जा रहे हैं।
'युवा पीढ़ी के दिल-ओ-दिमाग में नफरती जहर घोला गया'
मुजफ्फरपुर में डीएन हाईस्कूल रोड के पास अमर उजाला से बातचीत करते हुए इंडिया गठबंधन के राजद नेता ने कहा कि 2014 से पहले क्या हमारा देश इस तरह का था। क्या हमारा रंग अलग था कि हम मुसलमान हैं तो हरा हैं, हिंदू हैं तो गेरुआ (भगवा) हैं। इस तरह की बात थी क्या देश अंदर? नहीं थी। 2014 के युवा पीढ़ी के दिल-ओ-दिमाग में इस तरह का जहर घोला गया कि जो लोग हमारे साथ खाना खाया करते थे, आज वे लोग हमें देखकर भागते हैं।
'अरे भाई मुद्दे पर बात करिए न'
उन्होंने कहा कि तो ये जो बदलाव आया तो सही बात है कि बदलाव तो आया ही है। भाजपा जो कहती है कि देश बदल रहा है। देश असल मायने में ऐसे ही बदल रहा है कि हमारा आपसी भाईचारा, एकता और मोहब्बत थी, उसको इन्होंने तार-तार करके रख दिया। ये हमारा देश बदल रहा है। आप मुद्दे पर तो बात करते नहीं हैं। आप जब भी चुनाव में आते हैं तो हिंदू-मुस्लिम और जाति-धर्म, जाति-पात पर ही बात करते हैं। अरे भाई मुद्दे पर बात कीजिए न। बेरोजगारी, नौकरी, शिक्षा और स्वास्थ्य पर बात कीजिए।
'नीतीश ने 19 में विकास का काम किया'
वहीं, एनडीए के घटक दल जदयू के नेता ने कहा कि विपक्ष को जाति और धर्म के अलावा कुछ सूझता है। तेजस्वी जी रोजगार की बात करते हैं, कैबिनेट का मालिक कौन होता है- नीतीश कुमार। इनका (तेजस्वी) दो विभाग था- स्वास्थ्य विभाग और पथ विभाग। दोनों विभागों से इन्होंने नौकरी कितनी दीं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि इनके शिक्षा मंत्री कार्यालय नहीं जाते थे और अपने घर पर बैठते थे। लेकिन शिक्षा विभाग में सबसे ज्यादा नौकरी मिलीं। किस विभाग में काम नहीं हुआ। 2005 के बाद जब माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गद्दी संभाली तो बिहार राज्य का खजाना खाली था। उन्होंने दावा कर कहा कि उस खाली खजाने को लेकर नीतीश ने 19 साल में विकास का काम किया। चाहे शिक्षा के क्षेत्र में हो, स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो या महिलाओं के उत्थान के क्षेत्र में हो। महिलाओं को आरक्षण दिया।
उन्होंने कहा कि आज जो गांव की बच्चियां जो हैं क्या पहले वे सातवीं के बाद मैट्रिक पास करने जातीं थी स्कूल में, हाईस्कूल में दाखिला भी कराती थीं क्या? लेकिन नीतीश कुमार ने प्रोत्साहन राशि उनको दी, ड्रेस दी। उसके बाद उनको साइकिल दी। इससे बच्चियां स्कूल जाने लगीं।