फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lok Sabha : जीतन राम जमकर गरजे, कहा- गाली का बदला जरूर लेंगे, बेचैनी क्यों 2030 तक नहीं है पीएम पद की वैकेंसी

Fri, 26 Apr 2024 06:29 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

Bihar : दलित और महादलित के लोग चिराग पासवान के परिवार को गाली का बदला जरूर लेंगे। चिराग को जानबूझ कर गाली दिलवाई गई है। और दूसरी बात यह कि ये विरोधी दल इतना बेचैन क्यों है? 2024 क्या 2030 तक देश में पीएम पद के लिए कोई वैकेंसी खाली नहीं है।
विज्ञापन
जीतनराम मांझी। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूर्व मुख्यमंत्री और हम पार्टी प्रमुख जीतन राम मांझी मुजफ्फरपुर पहुंचे, जहां उन्होंने महागठबंधन पर जमकर हमला किया। उन्होंने कहा कि दलित और महादलित के सभी लोग चिराग पासवान के परिवार को गाली का बदला जरूर लेंगे। उन्होंने कहा कि चिराग पासवान को जानबूझ कर गाली दिलवाई गई है, जिसे महादलित समाज के लोग कभी स्वीकार नहीं करेंगे। जीतन राम मांझी एनडीए उम्मीदवार राज भूषण चौधरी निषाद के नामांकन में पहुंचे थे। वहां उन्होंने कहा कि हम सच्चाई के बूते एक साथ लड़ रहे हैं वहीं दूसरी तरफ नेतृत्व हीनता की लड़ाई लड़ते वाले लोग हैं। विरोधी दल के लोग की नीति और नीयत पर भरोसा नहीं किया जा सकता है।  वह लोग कब का विश्वास तोड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि विरोधियों को उनकी नियत की सजा जरूर मिलेगी।

विज्ञापन


2030 तक देश में पीएम पद के लिए कोई वैकेंसी नहीं
जीतनराम मांझी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि अभी देश में नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री हैं और फ़िलहाल पीएम की कोई वैकेंसी नहीं है। उन्होंने कहा कि ये विरोधी इतना बेचैन क्यों है? सबसे बड़ी बात यह है कि 2024 क्या 2030 तक देश में पीएम पद के लिए कोई वैकेंसी खाली नहीं है। हम इसके लिए विशेष रूप में कार्य कर रहे हैं और पीएम मोदी के हाथ को और मजबूत करने में लगे हुए हैं। जीतन राम मांझी ने कहा कि हम लोग कमल में 6 दल वालो का एक मजबूत गठजोड़ है।  यह इतना मजबूत है कि कोई इसको डिगा नहीं सकता है।

गाली देने वालों से समाज बदला ले 
चिराग पासवान के परिवार पर किये गये टिप्पणी पर जीतन राम मांझी जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि जमुई में हुई घटना को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। यह कोई बर्दरस्त करने की चीज नही है। इसलिए यह गाली कुछ और नहीं बल्कि दलित पिछड़ा वर्ग को लेकर दिया गया गाली है और इसको हम बदला के रूप में लेने का काम करेंगे। हम अपने समाज खास कर अति पिछड़ा दलित महा दलित समाज से आह्वान करते हैं कि वो लोग इसका बदला जरूर लें ताकि ऐसे लोग को सबक मिल सके।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें