बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महुआ विधानसभा सीट से जीत दर्ज करने वाले लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक संजय कुमार सिंह एक बार फिर मंत्री पद की शपथ ली। इससे पहले भी उन्हें नीतीश कुमार सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी मिल चुकी है। अब सम्राट चौधरी की अगुवाई वाली सरकार में भी उन्हें कैबिनेट में जगह मिली है। महुआ सीट से उन्होंने राजद प्रत्याशी मुकेश रोशन को 44 हजार से अधिक मतों से हराकर रिकॉर्ड जीत दर्ज की थी।
राजनीतिक सफर और चुनावी प्रदर्शन
संजय कुमार सिंह पहली बार लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के टिकट पर विधायक चुने गए हैं। महुआ विधानसभा सीट पर उनके मुकाबले राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार मुकेश रोशन दूसरे स्थान पर रहे, जिन्हें 42,644 वोट मिले। वहीं जनशक्ति जनता दल के उम्मीदवार तेज प्रताप यादव 35,703 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। इससे पहले वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में संजय कुमार सिंह को हार का सामना करना पड़ा था। उस चुनाव में वह तीसरे स्थान पर रहे थे और उन्हें मात्र 25,198 वोट मिले थे।
चिराग पासवान के करीबी माने जाते हैं संजय सिंह
संजय कुमार सिंह लंबे समय से लोक जनशक्ति पार्टी से जुड़े हुए हैं और उन्हें चिराग पासवान का करीबी माना जाता है। वह पार्टी के संसदीय बोर्ड के नेता भी रह चुके हैं। 45 वर्षीय संजय कुमार सिंह ने स्नातकोत्तर तक की पढ़ाई की है और राजनीति के साथ-साथ व्यवसाय से भी जुड़े हुए हैं। महुआ सीट पर उनकी जीत को पार्टी के लिए बड़ी राजनीतिक सफलता माना जा रहा है।
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संपत्ति और आपराधिक मामलों की जानकारी
संजय कुमार सिंह के खिलाफ दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। उनके शपथ पत्र के अनुसार, उनके पास लगभग 7 करोड़ 30 लाख रुपये की कुल संपत्ति है। इसमें करीब 2 करोड़ 40 लाख रुपये की चल संपत्ति और 4 करोड़ 90 लाख रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। पहली बार विधायक बनने के बाद उन्हें मंत्री पद मिलने से उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल है।