चिराग पासवान मतगणना स्थल आरएन कॉलेज पहुंचकर रिटर्निंग ऑफिसर यशपाल मीणा से प्रमाण पत्र प्राप्त किया। इसके बाद चिराग पासवान जीत के चुनावी सर्टिफिकेट लेकर अपने पिता दिवंगत रामविलास पासवान की आदमकद प्रतिमा पासवान चौक पहुंचे और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। हाजीपुर सीट से चिराग पासवान ने एक बड़ी जीत हासिल कर अपने पिता स्व. रामविलास पासवान के विरासत को बचाने में कामयाब दिलाई। चिराग पासवान ने इस बार वोट प्राप्त करने में अपने ही पिता के रिकार्ड को तोड़ दिया है। 1989 वर्ष में पिता स्व. राम विलास पासवान ने 615129 वोट प्राप्त किए थे और इस बार चिराग ने 615718 वोट प्राप्त किए, यानि 589 वोट अधिक प्राप्त कर अपने पिता का रिकार्ड तोड़ने में कामयाब हुए। हाजीपुर की जनता ने रामविलास की तरह चिराग पर भी भरोसा जताया और हाजीपुर का सांसद चुना हैं।
मतगणना शुरू हुई तो मतों का पहला रुझान में चिराग 5200 वोट से बढ़त में बने रहें हैं और अंतिम रुझान आने तक प्रतिद्वंद्वी राजद के उम्मीदवार शिवचन्द्र राम को 1,70,105 वोट से पराजित कर हाजीपुर सीट अपने कब्जे में कर लिए हैं। जीत पर चिराग पासवान ने कहा कि बहुत से मायने है, इसके मेरे पिता रामविलास पासवान के अधूरे सपने को पूरा करने की सोच और संकल्प के साथ मैं निकला था। मुझे नहीं पता था कि रास्ते में इतनी कठिनाइयां आएगी और मेरे अपनों से ही संघर्ष करना पड़ेगा। यह आशिर्वाद और शक्ति उन्हीं की दी हुई है। आज जो कुछ भी हूं उन्हीं के वजह से हूं। उन्होंने बताया कि जो जिम्मेदारी मिली है, उन्हें बखूबी निभाने की कोशिश करूंगा।