बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी एक व्यक्ति ने कोर्ट से न्याय के लिए गुहार लगाई है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति ने मेरी पत्नी और बच्चों को रख लिया है। उसने कहा है कि परिवार चाहिए तो 10 लाख रुपए भेज दो, नहीं तो परिवार का धर्मांतरण करवा दूंगा। यह मामला मुजफ्फरपुर के मुसहरी थाना क्षेत्र का बताया गया है। दरअसल, पीड़ित रमेश सिंह ने इस मामले को लेकर कोर्ट से गुहार लगाई है। इसके बाद कोर्ट ने इस मामले को गंभीर बताते हुए सुनवाई के लिए पांच जून की तारीख को मुकर्रर किया है।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस से शिकायत के बाद जब न्याय नहीं मिला तो जिले के मुसहरी थाना क्षेत्र के नरौली डीह निवासी रमेश सिंह ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के कोर्ट में मो. मंसूर मियां के खिलाफ परिवाद दायर किया है।
इसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि मो. मंसूर मियां ने उनकी पत्नी पूनम देवी और तीन बच्चों को गायब कर दिया है और उसको पूरा परिवार चाहिए। जानकारी होने पर रमेश सिंह ने जब मंसूर मियां से पत्नी और बच्चों के बारे में पूछा तो उसने कहा कि पहले दस लाख रुपये दो तब तुम्हारी पत्नी और बच्चों को मुक्त करेंगे, नहीं तो सभी का धर्मांतरण करवा देंगे।
पीड़ित रमेश सिंह ने बताया कि इसकी जानकारी पुलिस अधिकारी को लिखित रूप से की। लेकिन जब वहां से कोई कार्रवाई नहीं हुई, तब मजबूरन उन्होंने कोर्ट में मुकदमा दायर किया है।
मामले को लेकर के उनके अधिवक्ता एसके झा ने बताया कि मुसहरी थाना क्षेत्र निवासी पीड़ित रमेश सिंह ने कोर्ट को बताया कि उनसे अपनी पत्नी और तीन बच्चों को गायब करने और वापस करने के एवज में 10 लाख रुपये देने को ही लेकर मांग की गई। साथ ही पैसे न देने पर उन लोगों का धर्मांतरण कर देने की धमकी भी दी गई। इसके बाद मैंने कोर्ट में भादंसं की 295(a), 298, 363, 364, 365, 366, 384, 385, 386, 406 और 420 के तहत मामला दर्ज कराया है। कोर्ट ने मामला स्वीकृत करते हुए सुनवाई की तारीख पांच जून 2024 मुकर्रर की है।