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Bihar : डीएम दफ्तर के सामने दो हजार की रिश्वत लेते धराया बाबू, फाइल बढ़ाने के लिए मांगी थी घूस

Wed, 08 Jul 2026 08:44 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली

सार

वैशाली समाहरणालय में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने अनुमंडल कार्यालय के लिपिक सुमन सौरभ को पीडीएस लाइसेंस बहाली की फाइल आगे बढ़ाने के बदले दो हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। शिकायत के सत्यापन के बाद टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की।
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निगरानी टीम ने बाबू को रिश्वत लेते पकड़ा - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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वैशाली समाहरणालय परिसर में मंगलवार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अनुमंडल कार्यालय में तैनात लिपिक सुमन सौरभ को दो हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई उस परिसर में हुई, जहां जिला पदाधिकारी (डीएम) सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय स्थित हैं। गिरफ्तारी के बाद समाहरणालय परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
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पीडीएस लाइसेंस बहाली की फाइल के बदले मांगी थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, लालगंज प्रखंड के लक्ष्मीनारायणपुर निवासी पीडीएस दुकानदार किशन कुमार का लाइसेंस अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) द्वारा निलंबित कर दिया गया था। इसके खिलाफ उन्होंने जिला पदाधिकारी की अदालत में अपील की, जहां से लाइसेंस बहाल करने का आदेश जारी हुआ। आरोप है कि आदेश के बाद जब किशन कुमार बहाली की फाइल आगे बढ़वाने के लिए अनुमंडल कार्यालय पहुंचे, तब वहां तैनात लिपिक सुमन सौरभ ने फाइल पर कार्रवाई के बदले 2,000 रुपये की रिश्वत की मांग की।

शिकायत के बाद निगरानी ने बिछाया जाल
रिश्वत की मांग से परेशान दुकानदार ने इसकी शिकायत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से की। विभाग ने पहले शिकायत का सत्यापन कराया और आरोप सही पाए जाने पर विशेष टीम गठित कर जाल बिछाया। मंगलवार को जैसे ही शिकायतकर्ता ने लिपिक को रिश्वत की राशि सौंपी, पहले से मौजूद निगरानी टीम ने उसे मौके पर ही रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पटना ले जाया गया, जहां उसे निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
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डीएसपी ने दी कार्रवाई की जानकारी
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीएसपी गोविंद चन्द्र माथुर ने बताया कि शिकायतकर्ता किशन कुमार के पीडीएस लाइसेंस का निलंबन न्यायालय के आदेश से वापस हो चुका था। इसके बावजूद फाइल आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत मांगी गई। शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर धावा दल का गठन किया गया और छापेमारी के दौरान लिपिक सुमन सौरभ को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया।

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कार्रवाई के बाद उठे कई सवाल
इस कार्रवाई के बाद समाहरणालय परिसर में भ्रष्टाचार को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। यह चर्चा तेज है कि क्या रिश्वत की वसूली केवल व्यक्तिगत स्तर पर हो रही थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय है। फिलहाल निगरानी टीम आरोपी से पूछताछ कर मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
 
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