लाभुक को डमी चेक देते मुख्यमंत्री
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वैशाली जिले के सोनपुर प्रखंड अंतर्गत डुमरी बुजुर्ग गांव में मंगलवार को बिहार सरकार के सहयोग शिविर का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं के समाधान के लिए शिविर में पहुंचे।
सरकार की ओर से जानकारी दी गई कि अब यह सहयोग शिविर हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को पूरे बिहार में आयोजित किया जाएगा, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे और लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करेंगे।
पहले दिन पहुंचे 50 आवेदन
सहयोग शिविर के पहले दिन करीब 50 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया। कार्यक्रम स्थल पर अलग से काउंटर बनाकर आवेदनों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट किया गया और आवेदकों को तत्काल रिसीविंग भी उपलब्ध कराई गई। शिविर में भूमि संबंधित बासगीत पर्चा, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, शौचालय निर्माण राशि और अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुना गया।
30 दिन में काम नहीं हुआ तो होगी कार्रवाई
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी आवेदन का निष्पादन 30 दिनों के भीतर किया जाए। सरकार ने चेतावनी दी है कि तय समय में कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से तीन बार नोटिस जारी किए जाएंगे, इसके बाद भी लापरवाही मिलने पर निलंबन तक की कार्रवाई हो सकती है।
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लोगों ने बताया राहत भरा अनुभव
डुमरी गांव की अनुपमा देवी ने बताया कि उन्होंने बासगीत पर्चा के लिए आवेदन दिया था और शिविर में तुरंत उनका काम हो गया। वहीं प्रमिला देवी ने कहा कि सरकार की इस पहल से अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सुझाता देवी और कौशल्या देवी ने बताया कि शौचालय निर्माण राशि के लिए आवेदन देने के बाद उन्हें 12 हजार का डमी चेक दिया गया है। इससे अब उनके घरों में शौचालय निर्माण संभव हो सकेगा।