फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar: ‘जिन शिक्षकों को लाठी से पीटा जाता है, वही सब भूलकर नीतीश को ही वोट दे देते हैं’- प्रशांत किशोर ने कहा

Sat, 30 Nov 2024 02:22 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

Muzaffarpur News: प्रशांत किशोर ने कहा कि शिक्षकों को अपने भविष्य के लिए खुद ही कदम उठाने होंगे। ‘जो व्यक्ति खुद अपनी जिंदगी में सुधार नहीं चाहता, उसका कोई भला नहीं कर सकता’, उन्होंने यह कहते हुए शिक्षकों से आत्मचिंतन करने की बात कही।
विज्ञापन
मुजफ्फरपुर में चुनाव प्रचार के दौरान प्रशांत किशोर तथा अन्य - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (पीके) ने मुजफ्फरपुर में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने शिक्षकों के साथ हो रहे बर्ताव को लेकर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की। प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश सरकार शिक्षकों के हितों की अनदेखी कर रही है और लगातार उन्हें प्रताड़ित कर रही है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के लिए जागरूक हों और वोट डालते समय सही निर्णय लें।

विज्ञापन

 
‘नीतीश सरकार सबसे ज्यादा शिक्षक विरोधी’
प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में अगर किसी सरकार ने शिक्षकों को सबसे अधिक सताया है, तो वह नीतीश कुमार की सरकार है। उन्होंने शिक्षकों से सवाल किया कि जब सरकार उनके हितों के खिलाफ है और पटना के डाकबंगला चौराहे पर लाठियां चलती हैं, तब भी शिक्षक उसी सरकार को वोट क्यों देते हैं। उन्होंने शिक्षकों को आगाह करते हुए कहा कि अब वक्त आ गया है कि वे अपनी आवाज बुलंद करें और अपने वोट का सही इस्तेमाल करें।

जाति-धर्म की राजनीति पर प्रहार
प्रशांत किशोर ने नीतीश सरकार पर जाति और धर्म के नाम पर वोट मांगने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय शिक्षक अपनी समस्याएं भूल जाते हैं और जाति-धर्म के नाम पर वोट देते हैं। लेकिन जब चुनाव खत्म हो जाता है, तो फिर अपने अधिकारों के लिए गुहार लगाते हैं। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे इस चक्र से बाहर निकलें और अपने हक के लिए एकजुट हों।
विज्ञापन

 
शिक्षकों से जागरूक होने की अपील
प्रशांत किशोर ने कहा कि शिक्षकों को अपने भविष्य के लिए खुद ही कदम उठाने होंगे। ‘जो व्यक्ति खुद अपनी जिंदगी में सुधार नहीं चाहता, उसका कोई भला नहीं कर सकता’, उन्होंने यह कहते हुए शिक्षकों से आत्मचिंतन करने की बात कही। प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि वे पिछले दो वर्षों से लगातार पैदल यात्रा कर रहे हैं और इस दौरान कई शिक्षकों से मिले हैं, जिन्होंने अपनी व्यथा सुनाई है।
 
तिरहुत स्नातक उपचुनाव में प्रचार तेज
प्रशांत किशोर इन दिनों तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में हो रहे विधान परिषद उपचुनाव के लिए जोर-शोर से प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने अपने प्रचार अभियान के दौरान शिक्षकों को एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें