वैशाली जिले के लालगंज थाने में तैनात पुलिस अवर निरीक्षक सुमनजी झा को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। पिछले दिनों छापेमारी करने गई पुलिस टीम पर ही चोरी का आरोप लगा था, जिसके बाद लगातार विभागीय जांच की जा रही थी। जांच रिपोर्ट सबमिट होने के बाद तिरहुत रेंज के डीआईजी ने जानकारी दी कि पुलिस अवर निरीक्षक सुमनजी झा को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
विवादों से रहा है पुराना नाता
बताया जाता है कि सुमनजी झा का वैशाली से पहले मुजफ्फरपुर में भी विवादों से नाता रहा है। मुजफ्फरपुर में निगरानी टीम ने उन्हें रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। तिरहुत रेंज के डीआईजी चंदन कुमार कुशवाहा ने बताया कि पु.अ.नि. सुमनजी झा को भ्रष्टाचार के आरोप में 7 मार्च 2026 से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। उन पर रिश्वत लेने और बरामद सोने व अन्य बहुमूल्य सामग्री को जब्त सूची में पूरी तरह से न दिखाने का आरोप था। सुमनजी झा वर्तमान में वैशाली जिले में पदस्थापित थे।
कैसे हुई कार्रवाई?
यह कार्रवाई निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना में पवन कुमार नामक एक शिकायतकर्ता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद शुरू हुई। शिकायत के सत्यापन में भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए गए। इसके बाद निगरानी थाना कांड संख्या 08/24, दिनांक 04.09.2024 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम, 2018) की धारा 7(ए) के तहत सुमनजी झा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
रिश्वत लेते रंगे हाथ हुए थे गिरफ्तार
4 सितंबर 2024 को सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र के बंधारा बाजार के पास सुमनजी झा को परिवादी से 11,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। इस आरोप के लिए उनके विरुद्ध मुजफ्फरपुर जिले में विभागीय कार्यवाही संख्या 39/24 शुरू की गई, जिसके संचालन अधिकारी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पूर्वी-2, मुजफ्फरपुर मनोज कुमार सिंह को नियुक्त किया गया था। विभागीय जांच के बाद संचालन अधिकारी ने सुमनजी झा को रिश्वत के आरोप में दोषी पाया।
1.5 किलोग्राम सोना के गबन का आरोप
इसी क्रम में सुमनजी झा के खिलाफ लालगंज थाना अंतर्गत लगभग 1.5 किलोग्राम सोना और अन्य बहुमूल्य सामग्री/नकदी को जब्त सूची में पूरी तरह से न दिखाने के आरोप में लालगंज थाना कांड संख्या 11/26, दिनांक 05.01.2026 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं के तहत एक और प्राथमिकी दर्ज की गई। इस संबंध में अलग से विभागीय कार्यवाही संख्या 10/26 भी शुरू की गई है।
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डीआईजी ने क्या बोला?
इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए तिरहुत रेंज के डीआईजी चंदन कुमार कुशवाहा ने कहा पुलिस विभाग एक अनुशासित संगठन है और भ्रष्टाचार में संलिप्त पुलिस अधिकारियों या कर्मियों का विभाग में बने रहना आम जनता के साथ-साथ संगठन के अन्य पुलिस कर्मियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उक्त आरोपों की गहन समीक्षा और जांच प्राधिकार के मंतव्य से सहमत होते हुए, भ्रष्टाचार में संलिप्त पु.अ.नि. सुमनजी झा को 7 मार्च 2026 से सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया है।