Bihar : बिहार सरकार स्वास्थ्य विभाग में विकास करने का दावा करती है, लेकिन एक तस्वीर सरकार के उन दावों की पोल खोल रहा है। अस्पताल में मोबाइल टॉर्च की रोशनी में इलाज करने की तस्वीर अब सब को हैरान कर रही है। यह तस्वीर बिहार के एक सदर अस्पताल की है।
वैशाली के सदर अस्पताल की लचर व्यवस्था का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। मंगलवार की शाम अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में शॉर्ट सर्किट के कारण करीब तीन घंटे तक बिजली गुल रही। बिजली नहीं होने के कारण इमरजेंसी वार्ड के डॉक्टर मोबाइल की टॉर्च जलाकर मरीजों का इलाज करते दिखे।
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जनरेटर होने के बावजूद नहीं हुआ इस्तेमाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि सदर अस्पताल में लाखों रुपये खर्च कर कई जनरेटर लगाए गए हैं, लेकिन बिजली कटने के बाद भी उन्हें चलाया नहीं गया। इस वजह से भर्ती मरीजों और परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अंधेरे के कारण कई मरीज बिना इलाज कराए ही वापस लौट गए।
देर शाम ठीक हुई बिजली
इलाज के लिए आए मरीजों ने बताया कि शाम करीब चार बजे शॉर्ट सर्किट के कारण इमरजेंसी वार्ड की बिजली चली गई थी। शाम सात बजे तक भी बिजली ठीक नहीं की गई। इस दौरान डॉक्टर मोबाइल की रोशनी में इलाज करते रहे, जिससे मरीजों, डॉक्टरों और कर्मचारियों सभी को दिक्कत हुई। भर्ती मरीजों के परिजनों ने बताया कि तीन घंटे से ज्यादा समय तक इमरजेंसी वार्ड अंधेरे में डूबा रहा। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के हाईटेक स्वास्थ्य व्यवस्था के दावों पर सवाल उठाते हुए अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया।