डीएम के खिलाफ प्रदर्शन करते राजस्व कर्मचारी
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वैशाली जिले में राजस्व विभाग से जुड़े तमाम कर्मचारी और अंचल अधिकारी (CO) डीएम के खिलाफ धरने पर बैठ गए हैं। यह विवाद तब गहराया जब डीएम द्वारा समीक्षा बैठक के दौरान एक महिला कर्मचारी के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। डीएम के व्यवहार से आहत राजस्व विभाग के कर्मचारी और अधिकारी सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं और डीएम कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे जिले में राजस्व से संबंधित सभी कामकाज ठप हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, इस धरने की शुरुआत उस समय हुई जब हाजीपुर सदर अंचल के दो कर्मचारियों को डीएम के आदेश पर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, हालांकि कुछ घंटों बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। आरोप है कि समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने न केवल महिला कर्मचारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बल्कि बिहारियों के खिलाफ भी अपमानजनक टिप्पणी की। डीएम द्वारा ‘बेहूदा और साला बिहारी’ जैसे आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने की खबर के बाद जिला भर के अधिकारी विरोध में खड़े हो गए हैं।
राजस्व विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों ने डीएम पर ब्रिटिश शासन जैसी मानसिकता का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले नवादा जिले में भी डीएम यशपाल मीणा ने इसी तरह की भाषा का उपयोग किया था, जिसके कारण वहां के अधिकारी भी सामूहिक अवकाश या स्थानांतरण की मांग कर चुके थे।
धरने पर बैठे अधिकारियों और कर्मचारियों का कहना है कि वे डीएम के व्यवहार से मानसिक रूप से आहत हैं। महिला कर्मचारियों ने भी शिकायत की है कि उन्हें अनावश्यक रूप से देर तक काम पर रोका जा रहा है, जिससे उनके पारिवारिक जीवन में तनाव बढ़ गया है। कई विवाहित महिला कर्मचारियों ने बताया कि उनके पारिवारिक जीवन पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, यहां तक कि कुछ मामलों में तलाक की नौबत आ गई है।
गौरतलब है कि राजस्व कर्मचारियों के धरने से जिले के प्रशासनिक कामकाज पर बड़ा असर पड़ा है, खासकर राजस्व से जुड़े कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं। कर्मचारियों ने अपनी मांगों पर कार्रवाई न होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी है।