मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी प्रखंड क्षेत्र स्थित हाई स्कूल मैदान में विजयादशमी के अवसर पर रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। लेकिन तेज बारिश ने पूरे आयोजन की तैयारी पर पानी फेर दिया। दशहरा पर भव्य आयोजन के तहत रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले तैयार किए गए थे। पटाखों और बारूद से सुसज्जित ढांचा कुछ ही मिनटों में दहन के लिए तैयार था कि अचानक शुरू हुई मूसलधार बारिश से सब कुछ बिगड़ गया। जलने से पहले ही रावण और मेघनाथ का ढांचा जोरदार आवाज़ के साथ ढह गया। भीड़ में मौजूद लोग इसे देख ताली बजाने लगे। कुछ देर बाद कुंभकर्ण का ढांचा भी गिर पड़ा।
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आयोजकों ने क्रेन की मदद से ढांचों को खड़ा करने की कोशिश की, लेकिन रावण और मेघनाथ का ढांचा पूरी तरह टूट चुका था। इसके चलते रावण दहन का कार्यक्रम रद्द करना पड़ा और लोग मायूस होकर लौट गए। इस मौके पर पंचायती राज विभाग के मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता भी मौजूद थे। हालांकि, रावण उनके हाथों से दहन नहीं हो सका। बारिश थमने के बाद उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि दशहरा का यह पर्व देश में खुशहाली लाए और हम सब मिलकर रामराज्य की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में बढ़ें। यह त्योहार उत्साह और नए सवेरे का प्रतीक बने।
बेगूसराय में हुआ रावण का दहन
बेगूसराय में भारी बारिश और खराब मौसम के बावजूद दुर्गा पूजा को लेकर श्रद्धालुओं की आस्था हावी रही। शहर से लेकर गांव तक पूजा पंडालों में भक्तों की भीड़ उमड़ी। फर्टिलाइजर दुर्गा पूजा समिति की ओर से 60 फीट ऊंचे रावण का दहन किया गया। खराब मौसम को देखते हुए लोगों को आशंका थी कि रावण दहन में दिक्कत आ सकती है, लेकिन जैसे ही रावण को आग लगाई गई, वह धू-धू कर जल उठा।
इस दौरान आसपास भारी संख्या में मौजूद लोगों ने उत्साह के साथ विजयादशमी का नजारा देखा। जिले के फर्टिलाइजर और मंसूरचक में भी रावण दहन का आयोजन किया गया। फर्टिलाइजर मेला समिति से जुड़े अरुण कुमार ने बताया कि बारिश को देखते हुए रावण को सुरक्षित रखने की पूरी व्यवस्था की गई थी, ताकि मौसम खराब होने के बावजूद दहन में कोई बाधा न आए।
आरा में भी हुआ भव्य आयोजन
आरा शहर के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में विजयादशमी के पावन अवसर पर रावण दहन का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान मैदान में हजारों की संख्या में श्रद्धालु व दर्शक जुटे और जय श्रीराम के गगनभेदी नारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा।
रामलीला समिति की ओर से रावण के विशाल पुतले तैयार किए गए थे। जैसे ही प्रभु श्रीराम ने बाण चलाकर रावण का वध किया, मैदान आतिशबाजी और पटाखों की गूंज से रोशन हो उठा। आसमान में आतिशबाजी का रंग-बिरंगा नजारा देख लोग मंत्रमुग्ध हो गए।
कार्यक्रम में भोजपुर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती और बैरिकेडिंग की व्यवस्था रही ताकि भीड़ में अफरा-तफरी की स्थिति न बने।
भोजपुर डीएम तनय सुल्तनिया ने कहा कि यह आयोजन वर्षों से आरा शहर की पहचान रहा है। विजयादशमी हमें यह संदेश देती है कि असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की सदैव विजय होती है। मैदान में मौजूद बच्चे और महिलाएं आतिशबाजी का खूब आनंद लेते दिखे। देर रात तक रामलीला मैदान में मेले जैसा माहौल बना रहा।