मोतिहारी में कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर कई सवाल खड़े हो गए हैं। सेंट्रल जेल मोतिहारी से फरार एक कुख्यात अपराधी ने हरसिद्धि पुलिस को चुनौती देते हुए अपने ही बगल के गांव से एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर लिया और फरार हो गया। घटना के कई दिन बाद भी पुलिस का हाथ अब तक खाली है। न ही आरोपी को गिरफ्तार कर सकी है और न ही लड़की के बारे में पता लगा सकी है।
पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस अब तक इस प्रकरण में जांच भी नहीं की है, जिससे उन्हें डर सता रहा है कि कहीं आरोपी ने उनकी बेटी की हत्या तो नहीं कर दी। पूरी घटना की शुरुआत 17 अप्रैल को हुई, जब हरसिद्धि थाना क्षेत्र के मुरारपुर बड़वा टोला निवासी अरुण साहनी कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस हिरासत से चकमा देकर फरार हो गया था। वह मोतिहारी सेंट्रल जेल में ऑर्म्स एक्ट के एक मामले में कैद था। कोर्ट से फरार होने के बाद नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई और तलाश शुरू हुई। लेकिन अरुण ने पुलिस की गंभीर लापरवाही का फायदा उठाते हुए 18 अप्रैल की रात अपने ही बगल के गांव से एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर लिया।
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वहीं, अपहृता के पिता ने बताया कि अरुण ने करीब एक साल पूर्व में धमकी दी थी कि अगर उसे जेल भेजा गया तो वह उनकी बेटी को उठा ले जाएगा। लेकिन उसके गिरफ्तारी के बाद ही यह मामला शांत हो गया। लेकिन अब अरुण ने अपने धमकी को सच कर दिखाया है। पीड़िता के पिता ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है और बेटी को सुरक्षित बरामद करने की गुहार लगाई है।
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वहीं, इस मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के कई दिन बाद भी पुलिस न तो घटना स्थल पर पहुंची है न ही पीड़िता के परिवार से कोई संपर्क किया है। परिजनों का कहना है कि उन्हें हर पल यह भय सता रहा है कि कहीं आरोपी उनकी बेटी की हत्या न कर दे। क्योंकि अरुण सहनी और उसके भाई का अपराधिक इतिहास रहा है, वह कई मामलों में नामजद अभियुक्त भी है। वहीं, इस पूरे मामले में अरेराज SDPO रंजन कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह प्रेम-प्रसंग से जुड़ा मामला प्रतीत हो रहा है। लेकिन पुलिस आरोपी और लड़की को जल्द ही बरामद करने में जुटी है।