लीची को दूर में भेजने के बाद इसकी स्टोरिंग करने और कई दिनों तक बने रहने की परेशानी अब जल्द खत्म हो जाएगी और इजराइल की इस विशेष बड़ी तकनीक से लीची को लेकर राहत की खबर है। अब दूर दराज के क्षेत्र में इस लीची को भेजने में काफी कारगर हो जाएगी। बता दें कि बिहार में मुजफ्फरपुर की शाही लीची अपने स्वाद और सुंगध के लिए मशहूर है, लेकिन लीची टूटने के बाद किसानों को इसे तुरंत बाजार ले जाकर बेचना मजबूरी बन जाती है और किसानों को कम कीमत पर भी अपने उत्पाद को बेचना पड़ता है। इससे किसानों को कम फायदा मिलता है।
इसके लिए मुजफ्फरपुर के किसानों को अब यह सौगात मिलने वाली है। इजरायल की कंपनी की तरफ से जिले के किसानों के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इजरायल की अब इस नई तकनीक से लीची किसानों को यह फायदा होगा कि वे वर्तमान तापमान में भी 4 से 5 दिनों तक लीची को सुरक्षित रख पाएंगे और इस दौरान में लीची की मिठास और सुगंध बरकरार रहेगी। यह अगर सफल रहा तो इसके लिए जिले के कांटी और बंदरा प्रखंड में कंपनी की तरफ से प्लांट भी लगाया जाएगा।
तीन घंटे की होती है प्रोसेस
इजरायली तकनीक से अब प्लांट में लीची को उपचारित करने के बाद से चार-पांच दिन बाद तक भी ताजा बनी रहेगी और इसमें कम खर्च में किसानों को अधिक फायदा मिलेगा। इसको लेकर के भी इजरायल की कंपनी से जु़ड़े अधिकारियों ने बताया है कि इस दिशा में काम शुरू हो गया है, प्लांट लगाना है। कंपनी के अधिकारियों ने उन प्रखंडों का दौरा भी किया है और इस तकनीक के इस्तेमाल से लीची के पैकेट को देश के किसी भी हिस्से में भेजने में सहायता मिलेगी और अभी बागान से टूटने के बाद लीची दो दिनों तक ही सुरक्षित रह पाती है।
लीची की प्रोसेस कर रहे इजराइल के कंपनी के कर्मी विनोद कुमार पटेल ने बताया कि पहले से हम लगातार इस दिशा में अन्य फलों स्ट्रॉबेरी, अंगूर और मशरूम पर सफल प्रयोग कर चुके हैं। अब इस दिशा में लीची के लिए कर रहे हैं। यह प्रयोग बिहार के मुजफ्फरपुर से शुरू किया गया है और इसमें 3 घंटे तक लीची को प्रिजर्व कर फिर पैकिंग करके भेजी जा रही है। यह प्रयोग सफल रहा तो लीची की तुड़ाई के बाद इसको भेजे जाने के दौरान तापमान के अंतर से होने वाली खराबी का सामना नहीं करना पड़ेगा।