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Bihar: सीएम नीतीश की बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष ममता राय को नहीं मिली प्रवेश की अनुमति, नाराज होकर वापस लौटीं

Tue, 24 Dec 2024 03:57 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, मोतिहारी

सार

बिहार के सीएम नीतीश कुमार की बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष ममता राय को प्रवेश की अनुमति नहीं मिली। ममता राय नाराज होकर वापस लौट गई।
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सीएम नीतीश कुमार सहित अन्य लोग और ममता राय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मोतिहारी के राधाकृष्णन भवन में मंगलवार को आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान एक अप्रत्याशित घटनाक्रम सामने आई। जब जिला परिषद अध्यक्ष ममता राय को बैठक में भाग लेने की अनुमति नहीं मिली। इस पर नाराज होकर ममता राय बैठक से बाहर चली गईं। जबकि कार्यक्रम में दिए गए समय दो बजे से पहले एक बजे पहुंची थीं।

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में यह बैठक चल रही थी, जिसमें विभिन्न सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा हो रही थी। बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष की उपस्थिति अनिवार्य मानी जाती है। लेकिन ममता राय को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। ममता राय बैठक में हिस्सा लेने के लिए राधाकृष्णन भवन पहुंची थीं। लेकिन उन्हें सुरक्षा कारणों या प्रशासनिक प्रक्रिया का हवाला देकर अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

यह देखकर ममता राय अत्यधिक आहत हुईं और उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कारण पूछा। हालांकि, उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं मिला, जिसके बाद वह बिना बैठक में शामिल हुए ही वापस लौट गईं। वहीं, उनके समर्थकों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा पिछले साल किए गए शिलान्यास धरातल पर फेल नजर आ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश को इस पर भी ध्यान देना चाहिए। इसकी भी समीक्षा होनी चाहिए।
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ममता राय ने इस घटनाक्रम पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, जिला परिषद अध्यक्ष के तौर पर मेरा यह कर्तव्य है कि मैं जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में भाग लूं और जिले से जुड़ी समस्याओं को उठाऊं। लेकिन मुझे बिना किसी स्पष्ट कारण के अंदर नहीं जाने दिया गया। यह मेरे सम्मान का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह का व्यवहार जनप्रतिनिधियों के साथ असम्मानजनक है और प्रशासनिक प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता है।



ममता राय के इस कदम से राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कुछ नेताओं का मानना है कि यह घटना राजनीतिक असहमति का परिणाम हो सकती है। जबकि अन्य ने इसे प्रशासनिक लापरवाही और गलतफहमी के तौर पर देखा। स्थानीय प्रशासन ने इस मामले पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया है। बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अन्य उच्च अधिकारी उपस्थित थे, लेकिन ममता राय के लौटने के बाद कोई बयान नहीं दिया गया।

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सीएम नीतीश ने प्रगति यात्रा के दौरान पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली में चल रही विकास योजनाओं का लिया जायजा, जीविका दीदियों के साथ संवाद
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रगति यात्रा के दूसरे दिन पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली में चल रहे विकासात्मक योजनाओं का मुआयना किया। मुख्यमंत्री ने सुगौली प्रखंड स्थित उतरी सुगांव पंचायत के वार्ड संख्या-8 में नवनिर्मित पंचायत सरकार भवन के शिलापट्ट का अनावरण कर लोकार्पण किया। लोकार्पण के पश्चात मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित ग्राम पंचायत भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत भवन के ग्राम कचहरी न्यायालय, मुखिया कक्ष, पंचायत सचिव कक्ष, डाकघर का निरीक्षण कर उपलब्ध कराई गई सुविधाओं एवं लोगों को प्रदान की जाने वाली सेवाओं के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां काफी अच्छे ढंग से पंचायत सरकार भवन का निर्माण हो गया है। इससे लोगों को काफी सहूलियत होगी। अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कार्य में तेजी लाएं। हम चाहते हैं कि जून 2025 तक सभी पंचायत सरकार भवनों का निर्माण कार्य हर हाल में पूर्ण हो जाए। यह मेरा ही कॉन्सेप्ट है कि केंद्र और राज्य सरकार की तर्ज पर पंचायत सरकार का भी अपना भवन हो। हम लोगों ने पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया, इसके तहत अब तक चार चुनाव संपन्न हो गए हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं जीतकर आई हैं।

नवनिर्मित पंचायत सरकार भवन के समीप स्थित जीविका भवन में होने वाली गतिविधियों के संबंध में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जानकारी ली। प्रगति यात्रा के क्रम में आयोजित जीविका दीदियों के साथ संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शामिल हुए। जीविका दीदियों ने ताली बजाकर मुख्यमंत्री का अभिवादन किया तथा उनके द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों के प्रति प्रसन्नता जाहिर की। संवाद कार्यक्रम में जीविका दीदियों ने स्वयं सहायता समूह और राज्य सरकार की योजनाओं से मिल रही सहूलियत के संबंध में अपना अनुभव साझा किया।

जीविका दीदियों ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के गठन से हम महिलाओं को काफी फायदा हो रहा है, इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। सतत जीविकोपार्जन योजना के साथ ही महिलाओं के उत्थान को लेकर राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से परिवार में महिलाओं की इज्जत बढ़ी है। महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। राज्य सरकार द्वारा लड़कियों के लिए चलाई जा रही पोशाक योजना, साइकिल योजना, छात्रवृत्ति योजना, प्रोत्साहन योजना के कारण उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है। नशामुक्ति अभियान से महिलाओं के जीवन में शांति कायम हुआ है। समाज में प्रेम का वातावरण बना है। महिलाओं के विरुद्ध होने वाली हिंसा और प्रताड़ना की घटनाएं अब न के बराबर हो गई है। इसके लिए बिहार के महिलाएं मुख्यमंत्री की आभारी हैं।

संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने ही स्वयं सहायता से जुड़ी महिलाओं का नाम जीविका दीदी दिया। उस समय की केंद्र सरकार ने इससे प्रभावित होकर आजीविका नाम रखा। जब हम केंद्र में मंत्री थे तो देश के अलग-अलग हिस्सों में जाने का मौका मिला। उस समय हमने देखा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से देश की महिलाएं काफी अच्छा काम कर रही हैं। उस समय बिहार में काफी कम स्वयं सहायता समूह थे। बिहार के लोगों ने जब 24 नवंबर 2005 से हमें काम करने का मौका दिया तो हमने बिहार के विकास का काम प्रारंभ किया।

वर्ष 2006 में हमने विश्व बैंक से कर्ज लेकर स्वयं सहायता समूहों की संख्या अधिक से अधिक बढाने का प्रयास किया। अब बिहार में स्वयं सहायता समूहों की संख्या 10 लाख 61 हजार हो गई है, जिनसे 1 करोड़ 31 लाख जीविका दीदियां जुड़ी हैं। अब शहरी इलाकों में भी स्वयं सहायता समूहों का गठन शुरू किया गया है। इनसे अब तक 26 हजार जीविका दीदियां जुड़ चुकी हैं। महिलाओं के उत्थान के लिए हमलोग हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। पुरुष हो या महिला, सबको समान रूप से आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। महिलाओं को सशक्त एवं आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के जो भी जरूरी होगा, वह किया जाएगा ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें। आप सभी इन कामों को भूलिएगा मत। महिलाओं के उत्थान के लिए जो काम हमलोगों ने किया है उसे याद रखियेगा।

इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने मोतिहारी के बरियारपुर-कचहरी चौक पथ में एलसी-159 पर 29.242 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित ऊपरी पुल (आरओबी) सह पथ के संबंधित शिलापट्ट का अनावरण कर उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आरओबी बन जाने से मोतिहारी शहर में लगने वाली जाम की समस्या दूर होगी। लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इससे समय की भी बचत होगी।

इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने ग्राम मजुराहा में धनौती नदी पर पुल निर्माण हेतु स्थल निरीक्षण किया। साइट प्लान के माध्यम से अधिकारियों ने निर्मित होने वाले पुल के विषय में मुख्यमंत्री को जानकारी दी। निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि इस पुल के निर्माण का काम यथाशीघ्र पूर्ण कराएं। इसके बन जाने से सम्पर्कता बढ़ेगी और आसपास के लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत मिलेगी। मुख्यमंत्री का स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नेताओं एवं जिला प्रशासन द्वारा पुष्प गुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर अभिनंदन किया गया।

इस अवसर पर जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, गन्ना उद्योग मंत्री कृष्णनंदन पासवान, विधायक प्रमोद कुमार, विधान पार्षद खालिद अनवर, पूर्व विधायक श्याम बिहारी प्रसाद, पूर्व विधान पार्षद सतीश कुमार, मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव संदीप कुमार आर पुडकलकट्टी, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सह मोतिहारी के प्रभारी जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक, पुलिस उप महानिरीक्षक बेतिया प्रक्षेत्र जयंतकांत, पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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