शहर के गांधीनगर भवन में रविवार को अखिल भारतीय वैश्य परिवार के बैनर तले दानवीर भामाशाह की 478वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम का उद्घाटन भामाशाह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इस मौके पर बिहार सरकार के संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री सह शिवहर जिला प्रभारी मोतीलाल प्रसाद, पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकेश्वर प्रसाद, पूर्व सांसद रमा देवी, एमएलसी रेखा कुमारी, पूर्व विधायक केदारनाथ प्रसाद समेत कई गणमान्य अतिथि मंचासीन रहे। कार्यक्रम में अतिथियों ने वैश्य समाज की एकता और राजनीतिक भागीदारी पर बल देते हुए आगामी विधानसभा चुनाव में संगठित प्रयास की जरूरत बताई।
मुख्य अतिथि मोतीलाल प्रसाद ने भामाशाह को भारतीय इतिहास का गौरव बताते हुए कहा कि वे न सिर्फ एक दानवीर थे, बल्कि राष्ट्र के लिए समर्पित योद्धा भी थे। उन्होंने कहा कि वैश्य समाज की 56 उपजातियां अगर संगठित हो जाएं तो राजनीतिक परिदृश्य बदल सकता है। उन्होंने समाज के कुछ लोगों पर विभाजनकारी मानसिकता अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब वक्त आ गया है जब समाज को अपनी ताकत पहचाननी होगी।
पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकेश्वर प्रसाद ने कहा कि भामाशाह ने महाराणा प्रताप को 12 वर्षों तक युद्ध चलाने में सक्षम बनाया। उन्होंने कहा कि आज भी वैश्य समाज की 22% आबादी है लेकिन प्रतिनिधित्व बहुत कम है, जिसका कारण आपसी बिखराव है। उन्होंने आह्वान किया कि एकजुट होकर ही सत्ता में भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है। पूर्व सांसद रमा देवी ने भी वैश्य समाज को संगठित होकर आगे आने की बात कही।
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उन्होंने कहा कि समाज की एकता ही सम्मान और राजनीतिक भागीदारी की कुंजी है। उन्होंने कहा कि जब हम संगठित होंगे, तब हमारा टिकट कोई नहीं काट सकेगा। एमएलसी रेखा कुमारी और पूर्व विधायक केदारनाथ प्रसाद ने भामाशाह के त्याग को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन आज भी प्रेरणास्रोत है। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि भामाशाह के आदर्शों को आत्मसात करते हुए एकजुटता दिखाएं।
कार्यक्रम के संयोजक और आयोजक
कार्यक्रम का संयोजन अखिल भारतीय तेली महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राम बहादुर गुप्ता ने किया। अध्यक्षता डॉ. रामाधार साह ने की, जबकि संचालन कृष्णनंदन प्रसाद ने किया।
इस मौके पर महासचिव राजेश कुमार राजू, उपाध्यक्ष कृष्णनंदन प्रसाद, कोषाध्यक्ष डॉ. रामाधार साह, जिला परिषद उपाध्यक्ष रामकृष्ण कुमार, पूरनहिया प्रमुख प्रमोद साह, पार्वती देवी, लवली प्रसाद, सुनैना देवी, पूर्व प्रमुख पंकज कुमार, योगेंद्र प्रसाद, संजय गुप्ता, सुधीर गुप्ता समेत सैकड़ों की संख्या में वैश्य समाज के लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम ने वैश्य समाज को राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से संगठित करने का स्पष्ट संदेश दिया।