बिहार के उभरते क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी का मुजफ्फरपुर से विशेष जुड़ाव रहा है। अपने एक रिश्तेदार के यहां रहने के दौरान उन्होंने मुजफ्फरपुर के एक क्रिकेट अकादमी में शुरुआती प्रशिक्षण लिया। इस दौरान वे करीब डेढ़ वर्ष तक यहां अभ्यास करते रहे। उनकी बल्लेबाजी की शैली और ऊर्जा देखकर लोग चकित रह जाते थे। साथी खिलाड़ी भी उनकी प्रतिभा से प्रभावित रहते थे।
उनके बचपन के कोच अतुल प्रियंकर बताते हैं कि वैभव में गजब की ऊर्जा और स्टैमिना था। उन्हें बाकी खिलाड़ियों की तुलना में जल्दी सीखने की आदत थी। कोच कहते हैं कि वह रोजाना छह से सात घंटे तक अभ्यास करता था। उसने हमें कभी थकते हुए नहीं दिखाया। वैभव खुद कहता था कि ‘मुझे सेंचुरी से कम पसंद नहीं।’
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कोच अतुल प्रियंकर आगे बताते हैं कि जब समस्तीपुर में क्रिकेट अकादमी नहीं थी, तब वैभव मुजफ्फरपुर के मुखर्जी सेमिनरी के पास स्थित अकादमी में अभ्यास करता था। वह हर दिन सबसे पहले आता और सबसे बाद में जाता। बाद में समस्तीपुर में अकादमी खुलने के बाद वह वहां चला गया, फिर उच्चस्तरीय अभ्यास के लिए पटना में प्रशिक्षण लेने लगा।
आज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी मेहनत के दम पर आईपीएल जैसे मंच पर कम गेंदों में सेंचुरी मारकर देशभर में पहचान बनाई है। उन्होंने बिहार का नाम रोशन किया है। पांच माह पूर्व उन्हें एक मोटिवेशनल क्रिकेटर के रूप में फिर से मुजफ्फरपुर बुलाया गया था। कोच बताते हैं कि अब वह अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन चुके हैं।