बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में मूर्ति स्थापना को लेकर निकाले गए एक जुलूस पर स्थानीय पुलिस की टीम लाठीचार्ज कर दी। उसके बाद मौके पर और पूरे गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची कई थाना की पुलिस और डीएसपी मामला को शांत कराया। बताया जा रहा है कि तय रूट की जगह विवादित जगह से जाने लगे थे, जिसको पुलिस ने रोका तो विरोध हो गया। उसके बाद पुलिस ने लोगों की पिटाई की। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
पूरा मामला जिले के मुशहरी थाना क्षेत्र के तरौरा गोपालपुर गांव का बताया गया है। जहां पर में आज भगवती स्थान में माता की पिंडियों की स्थापना किया जाना था। इसको लेकर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जिसमें महिला-पुरुष और बच्चे शामिल थे। इसको लेकर ग्रामीणों ने एक भव्य जुलूस को निकाला था। लेकिन अचानक ही रूट के डायवर्ट की बात बोलकर के स्थानीय मुसहरी थाना पुलिस ने ग्रामीणों के द्वारा निकाले गए जुलूस को रोक दिया, जिसके बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए और हंगामा करने लगे। उसके बाद बवाल और भारी विरोध को देख दूसरे थाने की पुलिस और अतिरिक्त बल को बुलाया गया। फिर विरोध कर रहे लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज और पिटाई कर दी, जिसके बाद वहां के ग्रामीण भड़क गए।
यही नहीं बल्कि ग्रामीणों का आरोप है कि लोगों ने जब इसका विरोध किया तो पुलिस ने पिटाई कर दिया है। वहीं, पुलिस ने इस मामले में आधा दर्जन लोगों को डिटेन किया है। फिलहाल, पुलिस गांव में कैम्प कर रही है। महिलाओं का आरोप है कि पुलिस जानबुझकर माहौल खराब की। जबकि ऐसा कुछ भी यहां पर नहीं था और उनके कारण आज माता की स्थापना नहीं हो पाई है। इस बात को लेकर जब हमने विरोध किया तो पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। आज का मुहूर्त था, लेकिन पुलिस ने बल पूर्वक रोक लगा दिया और तो और हमारे पूजन के सामान और बाजा भी ले गई।
मामले को लेकर के डीएसपी पूर्वी मनोज कुमार सिंह ने बताया है कि मूर्ति स्थापना को लेकर ग्रामीण के द्वारा जुलूस को निकाला गया था। उसके लिए पूर्व से रूट तय था। इसके बावजूद भी ग्रामीण यहां के सेंसेटिव रूट से लोग जाने का प्रयास कर रहे थे और जिसके बाद पुलिस के द्वारा लोगों को रोका गया। माहौल को देख कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और फिलहाल गांव में शांति समिति की बैठक बुलाई गई है, अभी स्थिति शांतिपूर्ण है।